लगता है प्रिंस हैरी पंजाब के एक गांव के साइबर कैफे में बैठे हों: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की टिप्‍पणी

महिला वकील का आरोप था कि प्रिंस हैरी ने उससे शादी करने का वादा तो किया, लेकिन पूरा नहीं किया. (फाइल फोटो)

महिला वकील का आरोप था कि प्रिंस हैरी ने उससे शादी करने का वादा तो किया, लेकिन पूरा नहीं किया. (फाइल फोटो)

जस्टिस सांगवान ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा क‍ि यह सर्वविदित तथ्य है कि विभिन्न मीडिया साइट जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि पर नकली आईडी बनाई जाती हैं और इस तरह की बातचीत की प्रामाणिकता पर इस कोर्ट द्वारा भरोसा नहीं किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 14, 2021, 6:20 PM IST
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नई दिल्‍ली/चंडीगढ़ : हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) में एक महिला वकील पलविंदर कौर द्वारा फाइल पीटीशन में विचित्र मामला सामने आया. इस अर्जी में वकील ने युनाइटेड किंगडम के राजकुमार चार्ल्स मिडलटन के बेटे प्रिंस हैरी मिडलटन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और यूके पुलिस सेल को उसके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिए जाने की मांग की. महिला वकील का आरोप था कि प्रिंस हैरी ने उससे शादी करने का वादा तो किया, लेकिन पूरा नहीं किया. लिहाज़ा, प्रिंस हैरी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए, ताकि उनकी शादी में और देरी ना हो.

जस्टिस अनिल सिंह सांगवान की कोर्ट में यह मामला सुनवाई को आया. हालांकि कोर्ट वचुर्अली सुनवाई कर रही थी, लेकिन याचिकाकर्ता वकील द्वारा व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किए जाने पर इस मामले की विशेष रूप से अदालत में वास्तविक सुनवाई की गई.

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जस्टिस अनिल सांगवान ने याचिकाकर्ता वकील को व्यक्तिगत रूप से सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया. जस्टिस सांगवान ने फैसले में कहा, मुझे लगता है कि यह याचिका कुछ भी नहीं, लेकिन राजकुमार हैरी से शादी करने के बारे में सिर्फ एक दिन के सपने देखने की कल्पना जैसा है.
जस्टिस सांगवान ने यह भी कहा कि याचिका बहुत खराब तरीके से तैयार की गई है. इसमें दोनों तरह यानि व्याकरणिक रूप से और दलीलों के ज्ञान का अभाव है. याचिकाकर्ता और प्रिंस हैरी के बीच कुछ ईमेल के बारे में इस याचिका में बताया गया है, जिसमें जो व्यक्ति ईमेल भेज रहा है ने कहा है कि वह जल्द ही शादी करने का वादा करता है.

जब कोर्ट ने सवाल किया कि क्या याचिकाकर्ता ने कभी यूनाइटेड किंगडम की यात्रा की है, तो जवाब नेगेटिव था और याचिकाकर्ता ने केवल यह कहा कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रिंस हैरी से बातचीत की है. उसने प्रिंस चार्ल्स को संदेश भी भेजा है कि उनका बेटा प्रिंस हैरी उनके साथ एंगेज्‍ड है.

यहां तक की कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील द्वारा प्रूफ के तौर पर कोर्ट में सब्मिट डॉक्‍यूमेंट्स को भी गौर से देखा तो पाया कि उसकी कुछ प्रतियां सही नहीं हैं, क्‍योंकि उनमें से कुछ हिस्‍सा हटा दिया गया है, या मिटा दिया गया.



जस्टिस सांगवान ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा क‍ि यह सर्वविदित तथ्य है कि विभिन्न मीडिया साइट जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि पर नकली आईडी बनाई जाती हैं और इस तरह की बातचीत की प्रामाणिकता पर इस कोर्ट द्वारा भरोसा नहीं किया जा सकता है. इस बात की पूरी संभावना है कि पंजाब के एक गांव के साइबर कैफ़े में तथाकथित राजकुमार हैरी बैठे हों, जो अपने लिए हरेभरे चारे की तलाश कर रहे हों.

उन्‍होंने कहा कि वह केवल याचिकाकर्ता के लिए अपनी सहानुभूति दिखा सकते हैं क‍ि उसने ऐसी नकली बातचीत को सच माना है. यह कहते हुए अदालत ने यह अर्जी खारिज कर दी.
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