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12th Board Exams 2021: पंजाब सरकार का फीडबैक, कहा-पहले छात्रों का टीकाकरण सुनिश्चित करे केंद्र

पंजाब सरकार ने 12वीं की परीक्षाओं के संबंध में केंद्र सरकार को अपना फीडबैक दे दिया है

12th Board Exams 2021: पंजाब सरकार (Punjab government) ने केंद्र सरकार से कहा है कि 12वीं की परीक्षा से पहले केंद्र सरकार छात्रों का टीकाकरण सुनिश्चित करे.

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    चंडीगढ़. पंजाब सरकार (Punjab government) ने 12वीं कक्षा की परीक्षाओं संबंधी केंद्र को अपना फीडबैक (Feedback) भेज दिया है. सरकार ने कहा है कि भारत सरकार (Indian government) को परीक्षाएं (Examinations) लेने से पहले विद्यार्थियों का टीकाकरण (Vaccination of students) सुनिश्चित करना चाहिए. कोविड के कारण विद्यार्थियों को हो रहे समय के नुकसान को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा के सिलेबस को घटाने (Reduce of syllabus) के लिए केंद्र जरुरी दिशा-निर्देश भी जारी करने चाहिए.

    प्रश्न पत्र भी हों कम समय के
    पंजाब के शिक्षा मंत्री पंजाब विजय इंदर सिंगला (Education Minister Punjab Vijay Inder Singla) ने कहा कि केंद्र सरकार को बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षाओं सबंधी फैसला लेने से पहले सभी राज्यों को जरूरी कोविड टीके मुहैया करवाने चाहिए. कैप्टन अमरिन्दर सिंह (Captain Amarinder Singh) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा केंद्रीय एच.आर.डी मंत्री (Union HRD Minister) को जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि बोर्ड की परीक्षाएं देने वाले विद्यार्थियों और अध्यापकों को टीके लगाने की सख्त जरूरत के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य, बचाव और सुरक्षा भी बहुत महत्वपूर्ण है. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरेक विषय-क्षेत्र के सिर्फ चुनिंदा और जरूरत पड़ने पर अति-आवश्यक विषय की परीक्षा ही ली जानी चाहिए और प्रश्न पत्र भी कम समय के किए जा सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन की तरफ भी ध्यान दिया जा सकता है.

    विद्यार्थियों के समय की बर्बादी
    विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं का जिक्र करते हुए विजय इंदर सिंगला ने कहा कि परीक्षाएं तब तक नहीं ली जानी चाहिए जब तक सबकी सुरक्षा को सुनिश्चित नहीं बनाया जाता. उन्होंने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उच्च शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला लेने में देरी होगी. भारत सरकार को विद्यार्थियों के समय की बर्बादी से निपटने के लिए सभी यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों को अपेक्षित निर्देश जारी करने चाहिए. उच्च शिक्षा संस्थानों को कोर्स के सिलेबस को घटाने के लिए कहा जाना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव भी घटेगा.सिंगला ने कहा कि कोविड-19 के कारण पैदा हुए कठिन हालातों के मद्देनजर विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी मुश्किल में नहीं डालना चाहिए.