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सॉइल साइंटिस्ट ने मंत्री के हाथों अवॉर्ड लेने से किया मना, कहा- वापस लीजिए कृषि कानून

किसानों के आंदोलन का आज 14वां दिन है.  (PTI)
किसानों के आंदोलन का आज 14वां दिन है. (PTI)

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (Punjab Agriculture University) के प्रमुख सॉइल साइंस वैज्ञानिक वरिंदर पाल (Virendra Pal Singh) को पौधों के पोषण के क्षेत्र में किए गए कामों के लिए केंद्रीय रासायनिक व उर्वरक मंत्री द्वारा गोल्ड मेडल और स्वर्ण जयंती पुरस्कार से सम्मानित किया जाना था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 9, 2020, 12:42 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (Punjab Agriculture University) के प्रमुख सॉइल साइंस वैज्ञानिक वरिंदर पाल सिंह (Virendra Pal Singh) ने किसान आंदोलन (Farmers Protest) का समर्थन करते हुए मोदी सरकार के मंत्री के हाथों अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया. अब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी लिखकर उनसे कृषि कानून वापस लेने की मांग की है.

वरिंदर पाल सिंह ने चिट्ठी की शुरुआत में लिखा, 'प्रधानमंत्री जी, मैं न तो नेता हूं और न ही आंतकवादी. मेरा आपसे आग्रह है कि आप किसानों को तकलीफ देने वाले विवादित कृषि कानूनों को पूर्णतया वापस ले लीजिए.'

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उन्होंने आगे लिखा, 'मैं किसी भी सरकारी अधिकारी या मंत्री के हाथों से कोई अवॉर्ड नहीं ले सकता, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे किसानों को परेशान किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने किसानों का हौसला तोड़ने की कोशिश की है, लेकिन वे अनुशासित तरीके से अपनी जमीन पर जमे हैं. मुझे यह देखकर काफी दुख होता है कि मीडिया का एक धड़ा हमारे अन्नदाता को आंतकवादी कह रहा है.'
वरिंदर पाल सिंह ने पत्र में कहा है, 'मैं प्रधानमंत्री जी आपसे अनुरोध करूंगा कि आप तुरंत इन कानूनों को वापस लेने का ऐलान संसद में करें. किसानों की मांगों की अनदेखी करना और उन्हें इस सर्दी में सड़क पर छोड़ देना देशहित में नहीं है. कृपया देश की आवाज़ सुनें. इन कानूनों को पूर्णतया वापस लेने से कम कोई भी फैसला किसानों और देश के साथ धोखा होगा.'


इससे पहले पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख सॉइल साइंस वैज्ञानिक वरिंदर पाल को पौधों के पोषण के क्षेत्र में किए गए कामों के लिए केंद्रीय रासायनिक व उर्वरक मंत्री द्वारा गोल्ड मेडल और स्वर्ण जयंती पुरस्कार से सम्मानित किया जाना था. वैज्ञानिक वरिंदर पाल को पुरस्कार के लिए जब स्टेज पर बुलाया गया, तो उन्होंने किसानों का समर्थन करते हुए मंत्री के हाथों अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया.

वरिंदर पाल सिंह ने पुरस्कार के लिए सरकार और एफएआई के डायरेक्टर जनरल का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, 'जब देश के किसान सड़कों पर अपने हक के लिए डटे हैं. ऐसे में मेरा ज़मीर मुझे ये पुरस्कार लेने की इजाजत नहीं देता.' उन्होंने आगे कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि हम एक साथ मिलकर काम करेंगे. मैंने देश के लिए हमेशा काम किया है. आज किसान सर्दी में दुख झेल रहे हैं. अगर मैं ये अवॉर्ड लेता हूं तो खुद को दोषी समझूंगा.'


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बता दें कि किसानों के आंदोलन का आज 14वां दिन है. किसान नेताओं की सिंघु बॉर्डर पर दोपहर 1 बजे बैठक होनी है. तब तक सरकार भी अपना प्रस्ताव उन्हें सौंप सकती है. बैठक में ही प्रस्ताव पर चर्चा होगी और इसी में आगे की रणनीति तय हो जाएगी.
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