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Punjab Assembly Election 2022: AAP की सरकार में हर महिला को मिलेगा 1000 मासिक, लेकिन कंगाल हो जाएगा खजाना! समझिए पूरा गणित

Punjab Assembly Election 2022: AAP की सरकार में हर महिला को मिलेगा 1000 मासिक, लेकिन कंगाल हो जाएगा खजाना! समझिए पूरा गणित

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल 
 (File Photo)

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (File Photo)

Punjab Assembly Election 2022: मार्च 2017 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य सरकार पर 1.82 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था. 2007 से 2017 तक पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का शासन था. 2021-22 के लिए बजट प्रोजेक्शन को देखें तो राज्य सरकार पर कर्ज बढ़कर 2.82 लाख करोड़ हो सकता है. 2020-21 के दौरान जीएसटी मुआवजे के बदले बैक-टू-बैक ऋण के रूप में प्राप्त 8,359 करोड़ रुपये के हिसाब से यह प्रभावी रूप से 2.73 लाख करोड़ रुपये हो जाता है.

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    चंडीगढ़. अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने सोमवार को 2022 विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election 2022) के लिए आम आदमी पार्टी के मिशन पंजाब कार्यक्रम (Mission Punjab Launching) की लॉन्चिंग करते हुए ऐलान किया कि अगर सत्ता में आए तो उनकी पार्टी पंजाब की 18 वर्ष से ऊपर की हर महिला को प्रति महीने 1000 हजार रुपये देगी. मोगा में केजरीवाल की घोषणा और अन्य पार्टियों द्वारा मुफ्त में सुविधाएं देने से जुड़े ऐलान, मौजूदा सरकार द्वारा सब्सिडी और लुभावनी योजनाओं की घोषणा, पहले से ही कर्ज में डूबे पंजाब में इन दिनों ज्यादा सुनाई दे रही हैं.

    हर महिला को 1000 रुपये देने में कितना खर्च आएगा?
    चुनाव आयोग के लोकसभा चुनाव 2019 के डेटा के मुताबिक पंजाब में 96.19 लाख महिला वोटर हैं. हालांकि 2022 के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी वोटर लिस्ट जारी नहीं की गई है. आम आदमी पार्टी का अनुमान हैं कि उसकी योजना से 1 करोड़ महिलाओं को फायदा होगा. अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में आती है और हर महिला को प्रत्येक महीने 1000 हजार रुपये दिए जाते हैं तो राज्य सरकार पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये सलाना का बोझ आएगा. अरविंद केजरीवाल ने यह नोट किया है कि उनकी घोषणा पर विपक्षी जरूर ये सवाल करेंगे कि पैसा कहां है? इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के पास पैसे की कमी नहीं होती है, जरूरत लोगों के लिए काम करने की नीयत की होती है.

    कितना कर्ज में डूबा है पंजाब?
    मार्च 2017 में जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी तो राज्य सरकार पर 1.82 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था. 2007 से 2017 तक पंजाब में बीजेपी और अकाली दल का शासन था. 2021-22 के लिए बजट प्रोजेक्शन को देखें तो राज्य सरकार पर कर्ज बढ़कर 2.82 लाख करोड़ हो सकता है. 2020-21 के दौरान जीएसटी मुआवजे के बदले बैक-टू-बैक ऋण के रूप में प्राप्त 8,359 करोड़ रुपये के हिसाब से यह प्रभावी रूप से 2.73 लाख करोड़ रुपये हो जाता है.

    2019-20 में कर्ज की राशि को देखें तो यह कुल 2.29 लाख करोड़ था. 2020-21 के बजट अनुमानों में इसे 2.48 लाख करोड़ बताया गया था, जोकि बाद में संशोधित अनुमानों में 2.61 लाख करोड़ हो गया, जबकि प्रभावी रूप ये यह 2.52 लाख करोड़ है. प्रभावी तौर पर कुल कर्ज 2019-20 में राज्य की कुल जीडीपी 5.74 लाख करोड़ का 39.90 प्रतिशत था. 2021-22 के लिए कर्ज का प्रोजेक्शन राज्य की जीएसडीपी का 45 फीसदी है.

    चालू वित्त वर्ष में पंजाब की कुल प्राप्तियां 1.62 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो 2019-20 में 1.32 लाख करोड़ रुपये थी. चालू वित्त वर्ष के अंत तक कुल खर्च 1.68 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जोकि 2019-20 में 1.34 लाख करोड़ रुपये था. 38,000 करोड़ रुपये की राशि, जिसमें 20,000 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के रूप में और 18,000 करोड़ रुपये कर्ज की अदायगी के रूप में शामिल हैं, चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमानों में कुल ऋण सेवा पर खर्च किए जाने का अनुमान है. 2019-20 में यह आंकड़ा 30,000 करोड़ रुपये था.

    सब्सिडी और लुभावनी योजनाएं
    2021-22 के बजट अनुमानों में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड पर सरकार का बकाया 10,621 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जोकि 2019-20 में 9394 करोड़ था. दरअसल राज्य सरकार ने किसानों, अलग-अलग प्रकार की इंडस्ट्रीज और दलित समुदाय के सदस्यों को सस्ती बिजली देने के लिए पावर सब्सिडी का ऐलान किया हुआ है.

    हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में कटौती का ऐलान किया है. इसके तहत 7 किलोवाट तक घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति स्लैब 3 रुपया महीना देना होगा. मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद राज्य सरकार पर 3300 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा.

    इस महीने की शुरुआत में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने वैट में कटौती का ऐलान किया, जिसके चलते राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 10 और 5 रुपये की गिरावट आई है. साथ में केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कमी के कारण 850 करोड़ रुपये की वार्षिक लागत के साथ प्रति साल 3300 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है.

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    इसके अलावा पंजाब के बजट को देखें तो 2021-22 में कई बड़ी योजनाओं की घोषणा करते हुए किसानों के लिए 7,140 करोड़ की लागत के साथ मुफ्त बिजली की बात कही गई है. साथ ही मासिक रूप से सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 750 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति महीना करने का ऐलान किया गया है. ये 1 जुलाई से लागू होगी और इस पर 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. साथ ही हर घर पानी, हर घर सफाई योजना पर सरकार 2148 करोड़ खर्च करेगी.

    Tags: Arvind kejriwal, Charanjit Singh Channi, Punjab Assembly Election 2022, Punjab Election 2022

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