नवजोत सिंह सिद्धू के डिप्टी CM या पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष से कम में मानने की संभावना कम: सूत्र

कांग्रेस आलाकमान और खुद अमरिंदर सिंह नहीं चाहते कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के अंदर या फिर नेताओं के बीच किसी तरह का मतभेद दिखे.(फाइल)

कांग्रेस आलाकमान और खुद अमरिंदर सिंह नहीं चाहते कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के अंदर या फिर नेताओं के बीच किसी तरह का मतभेद दिखे.(फाइल)

Navjot Singh Siddhu: क्या पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू को उपमुख्यमंत्री का पद देंगे या फिर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर ताजपोशी के लिए राजी होंगे?

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2021, 9:59 PM IST
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नई दिल्ली. अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच लंच के माध्यम से कड़वाहट दूर करने की कोशिश की जा रही है. इस बीच कांग्रेस से जुड़े एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब सरकार में उपमुख्यमंत्री या पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से कम में मान जाएंगे इस बात की संभावना बिल्कुल कम है.

सिद्धू के लिए कुल 4 विकल्प!
नवजोत सिंह सिद्धू के लिए कुल 4 विकल्पों पर चर्चा हो रही है. एक विकल्प अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में जगह के अलावा विधानसभा चुनाव में कैंपेन कमेटी के चेयरमैन का भी विकल्प है. लेकिन, कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू उपमुख्यमंत्री या पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष में से किसी एक पद से कम में मानेंगे इस बात की उम्मीद कम है.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह चाहते हैं कि सिद्धू को कैबिनेट में जगह दी जाए क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू ने 2019 में कैबिनेट मंत्री के पद से त्यागपत्र दिया था. ऐसे में सवाल पैदा होता है कि क्या पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू को उपमुख्यमंत्री का पद देंगे या फिर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी के लिए राजी होंगे. क्योंकि पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष अमरिंदर सिंह की रजामंदी के बिना नहीं बन सकता.
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नवजोत सिंह सिद्धू ने जुलाई 2019 में पंजाब सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. सिद्धू अपना मंत्रालय बदले जाने से कई महीनों से नाराज चल रहे थे. आज से पहले 25 नवंबर को भी दोनों ने लंच पर मुलाकात की थी. पंजाब के कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत सिद्धू को पार्टी में वापस अहम भूमिका दिलवाना चाहते हैं. दोनों नेताओं की बातचीत के बाद रावत ने सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई है.

दोनों नेताओं के लंच पर मिलने के पीछे सबसे बड़ी वजह अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा के चुनाव हैं. कांग्रेस आलाकमान और खुद अमरिंदर सिंह नहीं चाहते कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के अंदर या फिर नेताओं के बीच किसी तरह का मतभेद दिखे.
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