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पंजाब : बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली बेल, ड्रग्स केस में 6 माह से जेल में बंद थे पूर्व अकाली मंत्री

पंजाब : बिक्रम सिंह मजीठिया को मिली बेल, ड्रग्स केस में 6 माह से जेल में बंद थे पूर्व अकाली मंत्री

ड्रग्स केस में 6 माह से जेल में बंद पूर्व अकाली मंत्री मजीठिया को HC ने बेल दे दी है. (फाइल फोटो)

ड्रग्स केस में 6 माह से जेल में बंद पूर्व अकाली मंत्री मजीठिया को HC ने बेल दे दी है. (फाइल फोटो)

Punjab News: ड्रग रैकेट के आरोप में जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आज बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने 29 जुलाई को मजीठिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. वरिष्ठ अकाली नेता वर्तमान में पटियाला सेंट्रल जेल में बंद हैं

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हाइलाइट्स

ड्रग्स केस में 6 माह से जेल में बंद पूर्व अकाली मंत्री मजीठिया को HC ने बेल दे दी है.
इससे पहले फरवरी में मोहाली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाकर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी.
सरकार का कहना था कि इस मामले में जांच अभी जारी है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

(एस. सिंह)

चंडीगढ़. ड्रग रैकेट के आरोप में जेल में बंद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आज बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने 29 जुलाई को मजीठिया की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. वरिष्ठ अकाली नेता वर्तमान में पटियाला सेंट्रल जेल में बंद हैं और दिसंबर 2021 में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत अपने खिलाफ दर्ज एक मामले में नियमित जमानत लेने के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था.

मजीठिया ने इससे पहले फरवरी में मोहाली की एक अदालत का दरवाजा खटखटाकर अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी. हालांकि जिला अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था और उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए प्रेरित किया था. शीर्ष अदालत ने 11 मई को याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और उसे इसके बजाय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को कहा था.

उच्च न्यायालय में दायर अपनी जमानत याचिका में मजीठिया ने वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस चीमा और अधिवक्ता अर्शदीप सिंह चीमा के माध्यम से कहा था कि वर्तमान मामला स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित है और याचिकाकर्ता को लक्षित करने के लिए दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से दर्ज किया गया है.

याचिका में कहा गया था कि राज्य में चुनाव से एक महीने पहले तत्कालीन कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ प्रतिशोध लेने के लिए अपनी शक्ति और स्थिति का दुरुपयोग किया था.

हालांकि पंजाब सरकार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता से जुड़े भगोड़े आरोपी भारत और विदेश में हैं और इस मामले में अभी और जानकारी जुटाने की आवश्यकता है. सरकार का कहना था कि इस मामले में जांच अभी जारी है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए.

Tags: Chandigarh, Drug business, Punjab news

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