Punjab Cabinet: सरकार ने EWS Policy को दी मंजूरी, गरीबों के लिए 25000 से अधिक घरों का होगा निर्माण

कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फाइल फोटो)

कैप्टन अमरिंदर सिंह. (फाइल फोटो)

मकान हासिल करने वाले पात्र व्यक्ति की पारिवारिक आय सभी स्रोतों से प्रति वर्ष रू 3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. पात्र आवेदकों का जन्म पंजाब में हुआ होना चाहिए या फिर आवेदन करने की तिथि तक राज्य में रहते हुए दस साल हो गए होने चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 6:33 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में नई ईडब्ल्यूएस नीति (EWS Policy:ECONOMICALLY WEAKER SECTIONS) को मंजूरी दे दी है। इस नति के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 25000 से अधिक घरों का निर्माण किया जाएगा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने की. इन मकानों का निर्माण सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ स्कूल, कम्युनिटी सेंटर और डिस्पेंसरी जैसे सुविधाजनक स्थानों पर किया जाएगा, ताकि लाभार्थियों के लिए आरामदायक जीवन सुनिश्चित किया जा सके. नई नीति के तहत घरों का निर्माण नवीनतम तकनीक से बनी ईंटों से किया जाएगा. परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए दक्ष प्रबंधन एजेंसियों (पीएमए) की सेवाएं ली जाएंगी.

मकान हासिल करने वाले पात्र व्यक्ति की पारिवारिक आय सभी स्रोतों से प्रति वर्ष रू 3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. पात्र आवेदकों का जन्म पंजाब में हुआ होना चाहिए या फिर आवेदन करने की तिथि तक राज्य में रहते हुए दस साल हो गए होने चाहिए. प्रूफ के तौर पर आवेदनकर्ता आधार कार्ड, राशन कार्ड की प्रतिलिपि, मतदाता सूची का विवरण, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रतिलिपि, पासपोर्ट आदि जमा करवा सकता है. आवेदन पत्र अधिकृत बैंकों द्वारा प्राप्त और सत्यापित किए जाएंगे.

आवेदक का विवाह होना चाहिए और आवेदन पति और पत्नी के संयुक्त नाम में होना चाहिए. सरकार ईडब्ल्यूएस के तहत बने मकानों की कीमतें निर्माण की लागत, साइट के विकास ,स्कूल, सामुदायिक केंद्र, पीएमसी, विज्ञापन लागत, जैसे प्रशासनिक शुल्क के आधार पर करेगी जो कि प्रोजेक्ट की कीमत के 5% से अधिक नहीं होगी. भूमि की लागत को शून्य के रूप में लिया जाएगा.



गौरतलब है कि कैप्टन सरकार का कार्यकाल 2022 मार्च को समाप्त हो जाएगा. यही वजह है कि सरकार उन कार्यों को अब जल्द पूरा करने में जुटी हैं जो कोरोनाकाल में अधर में लटक गए थे.
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