पंजाब में 891 प्राइवेट अस्‍पतालों ने नहीं लगाई एक भी कोरोना वैक्‍सीन, सीएम ने दिए सख्‍ती के आदेश

पंजाब राज्‍य में रजिस्टर्ड 1291 प्राईवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में से 891 संस्थाओं ने कोरोना वैक्‍सीन की एक भी डोज का प्रबंध नहीं किया. सिर्फ 400 अस्‍पतालों ने ही वैक्‍सीनेशन में सहयोग दिया है.(सांकेतिक तस्वीर)

पंजाब राज्‍य में रजिस्टर्ड 1291 प्राईवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में से 891 संस्थाओं ने कोरोना वैक्‍सीन की एक भी डोज का प्रबंध नहीं किया. सिर्फ 400 अस्‍पतालों ने ही वैक्‍सीनेशन में सहयोग दिया है.(सांकेतिक तस्वीर)

राज्‍य में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर कोविड समीक्षा बैठक कर रहे मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अ‍मरिंदर सिंह को बताया गया कि राज्‍य में रजिस्टर्ड 1291 प्राईवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में से 891 संस्थाओं ने कोरोना वैक्‍सीन की एक भी डोज का प्रबंध नहीं किया. सिर्फ 400 अस्‍पतालों ने ही वैक्‍सीनेशन में सहयोग दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2021, 7:38 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देशभर में कोरोना वैक्‍सीनेशन (Corona Vaccination) अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें सरकारी के साथ ही प्राइवेट अस्‍पताल भी वैक्‍सीनेशन में सहयोग कर रहे हैं लेकिन पंजाब में बढ़ते कोरोना मामलों के साथ ही चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कोरोना वैक्‍सीनेशन के लिए रजिस्‍टर्ड यहां के 891 प्राइवेट अस्‍पतालों ने अभी तक एक भी वैक्‍सीन नहीं लगाई है.

राज्‍य में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर कोविड समीक्षा बैठक कर रहे मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अ‍मरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh)  बताया गया कि राज्‍य में रजिस्टर्ड 1291 प्राईवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में से 891 संस्थाओं ने कोरोना वैक्‍सीन की एक भी डोज का प्रबंध नहीं किया. सिर्फ 400 अस्‍पतालों ने ही वैक्‍सीनेशन में सहयोग दिया है. ऐसे में सीएम ने जिला प्रशासन को ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्ती करने के लिए कहा है. सीएम ने कहा है कि राज्य और यहां के लोगों के बचाव के लिए प्राईवेट अस्पतालों को कोविड के खिलाफ जंग में सरकार का साथ देना चाहिए. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्राइवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में टीकाकरण की दरों का प्रचार होना भी जरूरी है और अधिक कीमतें वसूलने की अनुमति नहीं दी जायेगी.

इसके साथ ही सीएम ने कहा है कि सभी प्राईवेट और सरकारी अस्पताल 31 मार्च तक सप्ताह के सातों दिन रोजाना कम-से-कम 8 घंटे तक बिना ब्रेक के टीकाकरण करेंगे. अगर कोई भी 45 साल से अधिक उम्र का योग्य व्यक्ति सह बीमारियों सम्बन्धी मेडीकल रिकार्ड लेकर आता है तो अन्य किसी भी अलग सर्टिफिकेट की जरूरत न समझी जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पी.एच.सी.) और सरकारी अस्पतालों में सप्ताह के सातों दिन वैक्‍सीनेशन हो रहा है लेकिन यह काफी नहीं है. राज्‍य में वैक्‍सीन लगवाने योग्‍य सभी व्यक्तियों से टीका लगवाने के लिए अपील करनी चाहिए और इसके लाभ बताने चाहिए कि टीकाकरण सुरक्षित है.

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