विधायकों के बेटों को नौकरी देने के बाद फिर दो धड़ों में बंटी पंजाब कांग्रेस

दो विधायकों के दो बेटों की सरकारी नौकरी पर पंजाब की सियासत फिर गरमा गई है.

Punjab: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह फैसला वापस न लिया तो कांग्रेस पर भाई-भतीजावाद के आरोपों से घिर जाएगी. विधायकों का बैकग्राउंड देखते हुए यह फैसला गलत है.

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    चंडीगढ़. पंजाब में कांग्रेस में पहले मचे हुए कोहराम का अभी हाईकमान हल ही नहीं निकाल पाई है कि हाल ही में हुई कैबिनेट में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) द्वारा दो विधायकों के बेटों को डायरेक्ट अफसर (Sons of two MLAs officers) बनाने के बाद एक बार फिर पंजाब कांग्रेस दो घड़ों में बंट गई है. एक तरफ 5 मंत्री फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. वहीं, 9 कैबिनेट मंत्रियों व 4 सांसद व कई विधायक समर्थन में हैं.

    हालांकि इस बार कैप्टन के धुरविरोधी रहे सांसद प्रताप सिंह बाजवा (MP Pratap Singh Bajwa) के भतीजे और विधायक फतेहजंग बाजवा (MLA Fatehjung Bajwa) के बेटे अर्जुन बाजवा को पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर लगाया गया है इसलिए उनके करीब तीन दिन पहले से ही सूर बदले हुए हैं और वह कैप्टन के पक्ष में आकर खड़े हो गए हैं. लुधियाना से विधायक राकेश पांडेय (MLA Rakesh Pandey) के बेटे भीष्म पांडेय को नायब तहसीलदार बनाया गया है.

    कांग्रेस के नाराज नेताओं ने क्या कहा
    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा है कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह फैसला वापस न लिया तो कांग्रेस पर भाई-भतीजावाद के आरोपों से घिर जाएगी. विधायकों का बैकग्राउंड देखते हुए यह फैसला गलत है. कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने भी विधायकों के बेटों नौकरी देना बिलकुल गलत ठहराया है. बाजवा ने कहा कि इस फैसले पर दोबारा विचार किए जाने की जरूरत है.
    फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत नागरा ने भी दो विधायकों के बेटों को नौकरी देने के फैसले पर असमति जताई है. उन्होंने पूरी कैबिनेट, सीएम कैप्टन अमरिंदर और पार्टी से मांग की है कि पंजाब के युवाओं के भविष्य को देखते हुए उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्त किया जाना चाहिए. गिद्दड़बाहा के विधायक राजा वड़िंग ने भी कहा है कि दो विधायकों के बेटों को नियक्तियां देने का फैसला गलत है. उन्होंने कहा कि सरकार को अपने फैसले पर दोबारा से विचार करना चाहिए. यूथ कांग्रेस प्रधान वरिंदर ढिल्लों ने प्रदेश में बेरोजगार अध्यापकों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे समय में सरकार को बेरोजगारों के बारे में सोचने की आवश्यकता है.पूर्व सीपीएस डॉ. नवजोत कौर सिद्धू  ने कहा कि बिना कोई टेस्ट दिए किसी को इंस्पेक्टर और नायब तहसीलदार कैसे बनाया जा सकता है.

    कैप्टन के पक्ष में हैं ये मंत्री
    कैबिनेट मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी, साधु सिंह धर्मसोत, विजय इंदर सिंगला, अरुणा चौधरी, सुंदर शाम अरोड़ा, गुरप्रीत सिंह कांगड़, बलबीर सिंह सिद्धू, ओपी सोनी, भारत भूषण आशु ने संयुक्त एलान में कहा, 1984 के दंगों के शिकार हुए पीड़ितों को भी ऐसे ही लाभ और वित्तीय सहायता भी मुहैया करवाई गई. प्रांतीय नीति की प्रशंसा नहीं करना निंदनीय है.

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    न नियुक्तियां रद्द होंगी न कोई अफसर बदलेगा: CM
    कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि न नियुक्तियां रद्द होंगी न कोई अफसर बदलेगा. उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसले को बदलने का सवाल ही पैदा नहीं होता. अफसरों के खिलाफ कांग्रेस के नेताओं की नाराजगी पर भी सीएम ने स्पष्ट किया कि सभी अफसर बेहतरीन काम कर रहे हैं और किसी भी अफसर को हटाया नहीं जाएगा।

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