• Home
  • »
  • News
  • »
  • punjab
  • »
  • नवजोत सिंह सिद्धू हो सकते हैं पंजाब कांग्रेस के अगले अध्यक्ष, जानिए क्या हैं समीकरण

नवजोत सिंह सिद्धू हो सकते हैं पंजाब कांग्रेस के अगले अध्यक्ष, जानिए क्या हैं समीकरण

नवजोत सिंह सिद्धू (फ़ाइल फोटो)

नवजोत सिंह सिद्धू (फ़ाइल फोटो)

Punjab: अगर सिद्धू को पीपीसीसी अध्यक्ष के रूप में घोषित किया जाता है तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में वह सीएम पद के मजबूत दावेदार के रूप में भी सामने आएंगे.

  • Share this:
    चंडीगढ़. भले ही पंजाब के मुख्मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh) और अधूरे चुनावी वादों का मुद्दा उठाने वाले असंतुष्ट मंत्रियों और विधायकों के बीच सुलह के प्रयास (Reconciliation efforts) जारी हैं, लेकिन कांग्रेस आलाकमान (Congress high command) द्वारा नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को अगले पंजाब कांग्रेस प्रमुख (Punjab Congress chief) के रूप में नियुक्त करने की संभावना है. दि ट्रिब्यून में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगर सिद्धू को पीपीसीसी अध्यक्ष के रूप में घोषित किया जाता है तो अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में वह सीएम पद के सशक्त दावेदार के रूप में भी सामने आएंगे. सिद्धू की राज्य इकाई प्रमुख की उम्मीदवारी के सीएम के विरोध को देखते हुए हाईकमान को दोनों नेताओं को एक ही मंच पर लाने के लिए एक अलग कार्य सूत्र के लिए तैयार रहना होगा. पीपीसीसी प्रमुख के तहत दो-तीन कार्यकारी अध्यक्षों - एक दलित और एक हिंदू चेहरे की नियुक्ति पर भी चर्चा की जा रही है.

    शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि पंजाब कांग्रेस में संकट को समाप्त करने के लिए "शांति सूत्र" की घोषणा करने से पहले सब कुछ ठीक हो जाए. पिछले दो महीनों में राज्य कांग्रेस में असंतोष के कारण कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress working president Sonia Gandhi) ने राहुल गांधी से मिलने से पहले पंजाब के नेताओं की शिकायतों को सुनने के लिए तीन सदस्यीय मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge panel) पैनल की स्थापना की थी. वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि सिद्धू के पीपीसीसी अध्यक्ष बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री कैप्टन का खेमा नाराज मंत्रियों और विधायकों के साथ समझौता करना चाहेगा. क्योंकि यह जरूरत दोनों तरह से है.

    ये भी पढ़ें:- बनारस से बाइस का बिगुल फूंकेंगे पीएम, मोदी मैजिक से तय होंगे यूपी चुनाव नतीजे

    बढ़ते मतभेदों के बीच मंत्री सुखजिंदर रंधावा, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखबिंदर सरकारिया और चरणजीत चन्नी ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक का भी बहिष्कार किया था. नेता बेअदबी और पुलिस फायरिंग के मामलों में तेजी से न्याय, बिजली खरीद समझौते (पीपीए) रद्द करने और परिवहन और ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाते रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने सीएम और असंतुष्ट मंत्रियों के बीच गतिरोध को खत्म करने के लिए हस्तक्षेप किया था.

    रंधावा ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री से कोई मतभेद नहीं है. “मैंने कल कर्ज माफी पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बैठक में भाग लिया था. मेरी लड़ाई मुद्दों पर आधारित है, व्यक्ति नहीं. उन्होंने कहा कि पार्टी सर्वोच्च है, जो भी पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा, अन्य लोग उसके साथ पार्टी के लाभ के लिए काम करेंगे, जो अगले साल सरकार बनाएगी. जब प्रताप सिंह बाजवा को पार्टी अध्यक्ष चुना गया था तो हमने उनके साथ भी काम किया था".

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज