पंजाब में कृषि बिल के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, 'रेल रोको' आंदोलन जारी

कृषि बिल के खिलाफ अमृतसर में किसानों का विरोध प्रदर्शन (PTI)

Punjab farmers continue Rail Roko agitation: किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था जिसे बाद में विभिन्न किसान संगठनों ने इसे अपना समर्थन दिया था. रेल पटरियों पर बैठे हुये आंदोलनरत किसानों ने शनिवार को भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र की राजग सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि विधेयकों को वापस लिये जाने की मांग की, जिसे किसानों ने 'काला कानून' करार दिया है.

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    चंडीगढ़. संसद (Parliament) में हाल ही में पारित कृषि कानूनों (Farm Bills) के खिलाफ पंजाब (Punjab) में विभिन्न स्थानों पर शनिवार को भी किसानों ने 'रेल रोको' आंदोलन जारी रखा. किसानों के आंदोलन के कारण प्रदेश में ट्रेनों का आवागमन अवरूद्ध हो गया है. प्रदेश में 24 सितंबर से किसान विभिन्न स्थानों पर रेल पटरियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया था जिसे बाद में विभिन्न किसान संगठनों ने इसे अपना समर्थन दिया था. रेल पटरियों पर बैठे हुये आंदोलनरत किसानों ने शनिवार को भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र की राजग सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कृषि विधेयकों को वापस लिये जाने की मांग की, जिसे किसानों ने 'काला कानून' करार दिया है.

    अमृतसर में आंदोलनरत किसानों ने अपनी कमीजें उतार कर कृषि विधेयकों के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला. किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने फोन पर बताया, 'किसानों ने अपना कुर्ता एवं कमीज उतार दिया ताकि सरकार बात सुने. अमृतसर दिल्ली रेल पटरी पर बैठे किसानों ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कमेटी ने शुक्रवार को तीन दिवसीय 'रेल रोको' आंदोलन को 26 सितंबर से 29 सितंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया. रेल रोको आंदोलन बृहस्पतिवार को शुरू हुआ था, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों को 14 जोड़ी विशेष सवारी गाड़ियों का परिचालन निलंबित करना पड़ा था.

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    भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहा) के बैनर तले किसानों ने नौ जिलों में रेलवे ट्रैक को अवरूद्ध कर दिया. बीकेयू के महासचिव सुखदेव सिह कोकरी कलां ने बताया कि मानसा, बरनाला, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, मोगा, फरीदकोट, मुक्तसर एवं फाजिल्का जिलों में रेल पटरियों को अवरूद्ध किया गया है. उन्होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने भी हिस्सा लिया.

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