पंजाबः कृषि मंत्री से बातचीत करना चाहते हैं किसान, सचिव की वार्ता का निमंत्रण किया खारिज

देश के कई हिस्सों में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.
देश के कई हिस्सों में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

Farm Bill 2020: किसानों ने कहा कि केंद्रीय कृषि विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी ने ‘उनकी शिकायतों के निवारण के लिए’ आठ अक्टूबर को दिल्ली में सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पांच छह किसानों को बुलाया है. भारतीय किसान यूनियन (दकुंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा, ‘‘ यदि कोई अधिकारी हमें इन कानूनों के फायदे बताना चाहता है तो हम उसकी सुनने नहीं जा रहे क्योंकि हमें पता है कि ये कानून कृषि समुदाय के विरूद्ध है.’’

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 7:02 AM IST
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चंडीगढ़. पंजाब के कई किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों को लेकर बैठक के लिए कृषि विभाग से आये न्यौते को बुधवार को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वे इस मुद्दे पर कृषि मंत्री से कम किसी और से बातचीत नहीं करेंगे. आंदोलनरत कृषक संगठनों ने केंद्रीय कृषि सचिव की ओर से आये वार्ता के निमंत्रण को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि किसी अधिकारी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि ये कानून किसानों के लिए फायदेमंद है या नहीं.

भारतीय किसान यूनियिन (दकुंडा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बर्जुगिल ने कहा, ‘‘ वार्ता का निमंत्रण केंद्रीय कृषि मंत्री की ओर से आना चाहिए.’’किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने ‘रेल रोको’ प्रदर्शन में ढील देने की मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अपील भी खारिज कर दी. सिंह ने किसान संगठनों के निर्णय को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया. उन्होंने राज्य से मालवाहक ट्रेनों को गुजरने देने के लिए प्रदर्शन में ढील देने की अपील की थी.

विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का अल्टीमेटम
प्रतिनिधियों ने कहा कि किसान संगठनों ने मुख्यमंत्री को भी कृषि से संबंधित कानूनों को खारिज करने के वास्ते प्रस्ताव पारित करने के लिए एक सप्ताह के अंदर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि ऐसा न होने पर वे कांग्रेस नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों का घेराव करेंगे. हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को अल्टीमेटम द्वारा जल्दबाजी भरा कदम उठाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.
पूरे पंजाब में हो रहे हैं प्रदर्शन


विभिन्न कृषक संगठन नये कृषि कानूनों के विरोध में पूरे पंजाब में प्रदर्शन कर रहे हैं. एक किसान संगठन के प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘ कृषि विभाग के एक अधिकारी (सचिव) की ओर से बैठक के लिए दिये गए निमंत्रण को हम खारिज करते हैं. हम किसी भी अधिकारी से बातचीत नहीं करने जा रहे हैं. हम वार्ता के लिए तैयार हैं बशर्ते केंद्र सरकार की ओर से उपयुक्त और लिखित निमंत्रण आए.’’

8 अक्टूबर को दिल्ली में सम्मेलन में लेंगे हिस्सा
किसानों ने कहा कि केंद्रीय कृषि विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी ने ‘उनकी शिकायतों के निवारण के लिए’ आठ अक्टूबर को दिल्ली में सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पांच छह किसानों को बुलाया है. भारतीय किसान यूनियन (दकुंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा, ‘‘ यदि कोई अधिकारी हमें इन कानूनों के फायदे बताना चाहता है तो हम उसकी सुनने नहीं जा रहे क्योंकि हमें पता है कि ये कानून कृषि समुदाय के विरूद्ध है.’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार को मंडियों से धान उठाये जाने के अलावा खाद्यान्न, कोयला, उर्वरक और पेट्रोलियम की ढुलाई की अत्यंत आवश्यकता है.’’उन्होंने एक बयान में कहा कि यदि गोदामों से वर्तमान गेहूं और धान स्टॉक नहीं उठाया गया तो अगली फसल के लिए भंडारण क्षमता नहीं बचेगी. उन्होंने कहा कि राज्य का कोयला भंडार बहुत गंभीर स्थिति में है और यदि कोयला नहीं आया तो बिजली की गंभीर कमी होगी जिससे बुवाई पर बुरा असर पड़ेगा.
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