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पंजाब: कांग्रेस के पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा विजिलेंस के रडार पर, जांच तेज करने के आदेश

पंजाब: कांग्रेस के पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा विजिलेंस के रडार पर, जांच तेज करने के आदेश

तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा पर पंचायत की जमीन की बिक्री में 28 करोड़ रुपए की धांधली करने का आरोप है. मान सरकार ने इस मामले की जांच तेज करने के आदेश दिए हैं. (फाइल फोटो)

तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा पर पंचायत की जमीन की बिक्री में 28 करोड़ रुपए की धांधली करने का आरोप है. मान सरकार ने इस मामले की जांच तेज करने के आदेश दिए हैं. (फाइल फोटो)

Punjab News: भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पंजाब के पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी विजिलेंस के रडार पर हैं. उन पर पंचायत की जमीन की बिक्री में 28 करोड़ रुपये की धांधली करने का आरोप है. मान सरकार ने इस मामले की जांच तेज करने के आदेश दिए हैं.

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हाइलाइट्स

बाजवा पर करीब 7 करोड़ प्रति एकड़ जमीन को महज 43 लाख रुपए प्रति एकड़ बेचने का आरोप
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के एक दिन बाद बाजवा ने फाइल पर किए हस्ताक्षर
पंजाब की पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कई नेताओं के खिलाफ चल रही जांच

(एस. सिंह)

चंडीगढ़. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पंजाब के पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी विजिलेंस के रडार पर हैं. उन पर पंचायत की जमीन की बिक्री में 28 करोड़ रुपये की धांधली करने का आरोप है. मान सरकार ने इस मामले की जांच तेज करने के आदेश दिए हैं. दरअसल ग्रामीण विकास मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने दावा किया था कि बाजवा ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के समय जीटी रोड पर भागुपुरा गांव में पंचायत भूमि की बिक्री की अनुमति दी थी. उन्होंने करीब 7 करोड़ रुपये प्रति एकड़ जमीन को महज 43 लाख रुपये प्रति एकड़ में बेचने की अनुमति दे दी थी.

जानकारी के मुताबिक एक अकाली सरपंच ने 2015 में बिक्री के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था. कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने कथित तौर पर कॉलोनाइजर के साथ मिलीभगत की और रास्ते और पानी के चैनलों को महज 43 लाख रुपये प्रति एकड़ पर बेचने की अनुमति दी. जबकि बाजार भूमि की कीमत 7.5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ थी. बताया जा रहा है कि कांग्रेस की हार के एक दिन बाद बाजवा ने फाइल पर हस्ताक्षर किए थे. उस दौरान राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू थी.

पूर्व मंत्रियों के खिलाफ जांच
गौरतलब है कि कांग्रेस की कैप्टन सरकार के कार्यकाल में वन मंत्री रहे साधू सिंह धर्मसोत भ्रष्टाचार के आरोप में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं. पूर्व मंत्री संगत सिंह के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज है. वहीं ठेकदारों की शिकायत पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में हुए 2000 करोड़ रुपये के टेंडरों के कथित घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की भूमिका की भी जांच चल रही है. और अब तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी सरकारी भूमि बेचने के मामले में जांच के दायरे में हैं.

Tags: AAP, CM Punjab, Congress, Punjab politics, Tript Singh Bajwa

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