CM अमरिंदर का बड़ा ऐलान, एक लाख किसानों का 1771 करोड़ रुपए का कर्ज माफ

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगले चरण में, जिन किसानों के पास 2.5 से पांच एकड़ भूमि होगी उन्हें सहकारी और वाणिज्यिक बैंक ऋण दोनों के लिए ऋण माफी की सुविधा मिलेगी.

भाषा
Updated: December 7, 2018, 10:43 PM IST
CM अमरिंदर का बड़ा ऐलान, एक लाख किसानों का 1771 करोड़ रुपए का कर्ज माफ
Photo: Getty Images
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Updated: December 7, 2018, 10:43 PM IST
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को 1,09,730 योग्य सीमांत किसानों को 1,771 करोड़ रुपये के वाणिज्यिक बैंक ऋण से राहत दी. एक राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि सीधे तौर पर सीमांत किसानों के खातों में भेजी जा रही है और प्रक्रिया शनिवार तक पूरी हो जाएगी. समारोह में मुख्यमंत्री ने 25 किसानों को ऋण राहत प्रमाण पत्र सौंपे.

इस चरण में शामिल किसान पटियाला, लुधियाना, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब जिलों से संबंधित हैं.

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समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चरण में, जिन किसानों के पास 2.5 से पांच एकड़ भूमि होगी उन्हें सहकारी और वाणिज्यिक बैंक ऋण दोनों के लिए ऋण माफी की सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि सभी सीमांत किसानों और छोटे किसानों को दो लाख रुपये तक ऋण माफी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार के राज्य स्तरीय ऋण राहत समारोह में 1.09 लाख सीमांत किसानों के 1,771 करोड़ रुपए के वाणिज्यिक बैंक ऋण के अलावा पहले चरण में 3.18 लाख सीमांत किसानों के 1,815 करोड़ रुपए के सहकारी बैंक ऋणों को माफ कर दिया गया था.

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उन्होंने घोषणा की कि सहकारी बैंकों के 2.15 लाख छोटे किसान तीसरे चरण में शामिल किए जाएंगे, जबकि वाणिज्यिक बैंकों के 50,752 छोटे किसान चौथे चरण में शामिल होंगे.
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मध्य एशियाई देशों में चीनी और आलू निर्यात करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने निर्यात सूची में इन मदों को शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था, जिसे गुरुवार को मंजूरी दे दी गई थी.

उन्होंने कहा कि अगर भारत सरकार पंजाब को इन उत्पादों को निर्यात करने की अनुमति देती है, तो राज्य के गन्ना और आलू के किसानों को बेहद फायदा होगा।

उन्होंने नकली बीजों, कृषि-रसायनों और किसानों तक पहुंचने वाले अन्य लागतों की समस्याओं के बारे में चिंता व्यक्त की और कहा कि उनकी सरकार ऐसे उत्पादों की बिक्री की जांच के लिए सख्त सतर्कता बनाए हुए है.

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में खरीफ सत्र के दौरान उर्वरकों के संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान में यूरिया और डीएपी खपत में क्रमश: एक लाख टन और 46,000 टन की कमी लाई गई है. उन्होंने कहा, इसके परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये की शुद्ध बचत हुई.

उन्होंने कहा कि किसानों को बासमती फसल में कृषि-रसायनों के उचित उपयोग के बारे में शिक्षित करने के लिए एक अभियान शुरू किया गया था. नतीजतन, बासमती अनाज की गुणवत्ता ने अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना शुरू कर दिया और किसानों को बेहतर कीमत मिल रही है.

इस साल, किसानों को पिछले साल के 2,600-3,000 रुपये के मुकाबले प्रति क्विंटल के लिए 3,600 - 4,000 रुपये मिल रहे हैं.

फसलों की निर्बाध खरीद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सितंबर के अंत में अभूतपूर्व भारी बारिश के बावजूद धान की बाधा मुक्त खरीद सुनिश्चित की है.

उन्होंने कहा कि अब तक, 187 लाख टन धान की खरीद की गई है.

उन्होंने कहा कि राज्य, इज़राइल और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के सहयोग से, जल संरक्षण पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा ताकि इस बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन को संरक्षित किया जा सके.
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