पंजाब सरकार ने तय की कोविड टेस्ट की कीमत, अब इससे ज्यादा रुपये नहीं ले सकेंगी प्राइवेट लैब्स

पंजाब सरकार द्वारा तय की गई कीमतों के बाद अब से निजी प्रयोगशालाएं जांच के लिए इससे अधिक कीमत वसूल नहीं कर सकेंगी.
पंजाब सरकार द्वारा तय की गई कीमतों के बाद अब से निजी प्रयोगशालाएं जांच के लिए इससे अधिक कीमत वसूल नहीं कर सकेंगी.

Punjab Coronavirus Tests: पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस की जांच की कीमतें तय कर दी हैं. सरकार के आदेश के बाद कोई भी निजी प्रयोगशाला तय दाम से ज्यादा कीमत वसूल नहीं कर सकेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 5:36 PM IST
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चंडीगढ़. कोरोना वायरस (Coronavirus) के लगातार बढ़ते मामलों के बीच पंजाब सरकार (Punjab Government) ने प्राइवेट लैब्स के लिए कोविड-19 के टेस्ट (Covid-19 Test) रेट तय कर दिए हैं. पंजाब सरकार ने आरटीपीसीआर टेस्ट (RT-PCR Tests) के लिए 1600 रुपये तय किए हैं. इसके अलावा ट्रूएनएटी टेस्ट (TrueNat Test) के लिए कोई भी प्रयोगशाला 2000 से अधिक रुपये नहीं ले सकेगी जबकि सीबीएनएएटी टेस्ट (Cbnaat Test) के लिए 2400 रुपये कीमत तय की गई है. पंजाब सरकार द्वारा तय की गई कीमतों के बाद अब से निजी प्रयोगशालाएं जांच के लिए इससे अधिक कीमत वसूल नहीं कर सकेंगी.

बता दें पंजाब उन सात राज्यों में शामिल है जो कि कोरोना वायरस से एक्टिव मामले (Coronavirus Active Cases) सबसे अधिक हैं. पंजाब में कोरोना से होने वाली मौतों का औसत भी अधिक है इसके अलावा यहां संक्रमण की पुष्टि दर भी राष्ट्रीय औसत से 8.52 प्रतिशत ज्यादा है. इससे पहले पंजाब सरकार ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश के तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज कोरोना वायरस निरोधक टीके (Coronavirus Vaccine)—कोवैक्सिन— के परीक्षण में हिस्सा लेंगे जिसका परीक्षण भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से भारत बायोटेक लिमिटेड कर रहा है. सरकार ने बयान जारी कर बताया कि यह परीक्षण 15 अक्टूबर से शुरू होगा.

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मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
कोविड समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग से प्रतिभागियों की अनिवार्य सहमति के साथ परीक्षणों के दौरान सभी सावधानियों का पूर्ण और सख्त पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया. मुख्यमंत्री ने सख्ती से यह आदेश दिया कि गरीबों को परीक्षण के परिणाम एवं संभावित खतरे की समझ, जानकारी और उनकी सहमति बगैर उन्हें परीक्षण में शामिल नहीं किया जाना चाहिये.

कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार से संपर्क करने वाले भारत बायोटेक ने परीक्षण के दौरान किसी प्रकार के स्थायी कुप्रभाव एवं मृत्यु होने की स्थिति में प्रभावितों के लिये 75 लाख रुपये के बीमा कवर की घोषणा की.

इस टीके का संभावित दुष्प्रभाव बुखार, दर्द तथा बेचैनी हो सकती है
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