कृषि कानून के विरोध में पंजाब सरकार ने विधानसभा में नहीं पेश किया बिल, विपक्ष का हंगामा

विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शोक प्रस्ताव पेश करने के साथ शुरू हुआ (Twitter- Amarinder Singh)
विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शोक प्रस्ताव पेश करने के साथ शुरू हुआ (Twitter- Amarinder Singh)

Farm Laws: पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल (Manpreet Singh Badal) ने कहा कि वे मुद्दे पर संविधान विशेषज्ञों (Constitution Expert) से सलाह-मशविरा कर रहे हैं और सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने वाले विभिन्न विधेयकों की प्रतियां विपक्षी पार्टी (Opposition Parties) के सदस्यों को शाम तक मुहैया करा दी जाएंगी.

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चंडीगढ़. विपक्षी पार्टियों ने पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) के विशेष सत्र के पहले दिन केंद्र के कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में विधेयक पटल पर नहीं रखने के लिए राज्य सरकार की सोमवार को आलोचना की. सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल (Manpreet Singh Badal) ने कहा कि वे मुद्दे पर संविधान विशेषज्ञों (Constitution Expert) से सलाह-मशविरा कर रहे हैं और सत्र के दौरान पटल पर रखे जाने वाले विभिन्न विधेयकों की प्रतियां विपक्षी पार्टी (Opposition Parties) के सदस्यों को शाम तक मुहैया करा दी जाएंगी.

विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शोक प्रस्ताव पेश करने के साथ शुरू हुआ और कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (CM Amarinder Singh) ने सदन की अगुवाई की. कांग्रेस के विधायक नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) ने पिछले साल कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद पहली बार विधानसभा के सत्र में हिस्सा लिया.

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विपक्षी पार्टियों ने ऐसे किया विरोध प्रदर्शन
शिअद विधायक कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टरों पर चढ़कर विधानसभा पहुंचे. उन्होंने केंद्र सरकार के कानून की प्रतियों को फाड़ दिया. आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने काली टोपियां पहन कर विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया. उन्होंने कृषि कानूनों की प्रतियों को फाड़ा और जलाया.

सदस्यों को नहीं दी गईं प्रतियां
विधानसभा अध्यक्ष केपी सिंह राणा ने शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी थी. सदन की कार्यवाही 15 मिनट चली और फिर मंगलवार तक स्थगित कर दी. कार्यवाही फिर से शुरू होने पर, नेता प्रतिपक्ष और आप विधायक हरपाल चीमा ने कहा कि विशेष सत्र नए कृषि कानून का प्रतिकार करने के लिए आहूत किया गया था, लेकिन सदस्यों को विधेयकों की प्रतियां नहीं दी गई हैं. उन्होंने कहा, " क्या हमें सत्र के समाप्त होने के बाद प्रतियां मिलेंगी."

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शिअद ने सरकार पर लगाया आरोप
शिअद के सदस्य गुरप्रताप सिंह वडाला ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य सरकार के पास मुद्दे को लेकर "स्पष्टता नहीं है." उन्होंने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ मुख्य विधेयक को सबसे पहले पटल पर रखना चाहिए था और सदन में चर्चा करानी चाहिए थी.

शिअद के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पत्रकारों से आरोप लगाया कि पंजाब की कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार के बीच "फिक्सड मैच" चल रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य सरकार केंद्र के दबाव में हैं. सरकार को स्पष्ट नहीं है कि उसे क्या करने की जरूरत है.

वित्त मंत्री बादल ने सदन में सदस्यों से कहा कि सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की प्रतियां उन्हें शाम में मिल जाएंगी.

उन्होंने कहा कि जहां तक कृषि कानूनों के प्रतिकार का संबंध है, सरकार पहले से ही संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा कर रही है.
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