पंजाब ने बताई राज्‍य में कोरोना वैक्‍सीन कम होने की वजह, वैक्‍सीन देने को नहीं तैयार कंपनियां

कोरोना वैक्सीन की कमी से भारत के राज्‍य भी जूझ रहे हैं. - सांकेतिक फोटो

कोरोना वैक्सीन की कमी से भारत के राज्‍य भी जूझ रहे हैं. - सांकेतिक फोटो

पंजाब सरकार की ओर से बताया गया है कि मॉडेर्ना ने पंजाब सरकार को सीधे टीके भेजने से इनकार दिया है क्योंकि उनकी नीति के अनुसार वह सिर्फ भारत सरकार के साथ ही समझौता कर सकते हैं न कि किसी राज्य सरकार या निजी पक्ष के साथ. ऐसे में अब बाकी बची हुई कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है.

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चंडीगढ़. देशभर में कोरोना की रोकथाम के लिए टीकाकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. हालांकि कई राज्‍यों ने वैक्‍सीन (Vaccine) की पर्याप्‍त सप्‍लाई न होने की बात कही जा रही है. इसी क्रम में पंजाब में भी पिछले तीन दिनों में पहले और दूसरे चरण के लिए वैक्‍सीनेशन (Vaccination) को रोका गया था. पंजाब सरकार का कहना है कि कोरोना के टीके बनाने वाली कोई भी विदेशी कंपनी राज्‍य सरकारों के साथ समझौता नहीं कर रही.

पंजाब (Punjab) के स्टेट नोडल अधिकारी और सीनियर आई.ए.एस. अधिकारी विकास गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की ओर से राज्य में जल्द टीकाकरण के लिए सभी संभावित स्रोतों से टीकों की खरीद के लिए कोशिश की गई. इसके लिए विश्वव्यापी टैंडर तय करने की संभावनाओं का पता लगाने के निर्देशों के तहत विदेशी टीका निर्माताओं से अलग-अलग कोविड टीकों (Covid Vaccines) की सीधी खरीद के लिए सम्पर्क किया गया. सरकार ने स्पूतनिक वी, फाईजर, मॉडरना और जॉनसन एंड जॉनसन के साथ संपर्क किया लेकिन अभी तक सिर्फ मॉडरना का जवाब आया है.

मॉडेर्ना ने किया सीधे वैक्सीन भेजने से इनकार

उन्‍होंने कहा कि जवाब में भी मॉडेर्ना ने पंजाब सरकार को सीधे टीके भेजने से इनकार कर दिया है क्योंकि उनकी नीति के अनुसार वह सिर्फ भारत सरकार के साथ ही समझौता कर सकते हैं न कि किसी राज्य सरकार या निजी पक्ष के साथ. ऐसे में अब बाकी बची हुई कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है. इसके बावजूद राज्य में टीकों की कमी को पूरा करने के लिए और टीके खरीदने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.


अभी तक पंजाब को भारत सरकार की ओर से टीकों की 44 लाख से कम खुराकें मिलीं हैं. वहीं अब निजी खरीद भी नहीं की जा सकती. यही वजह है कि राज्‍य में टीकों की कमी है और तीसरे चरण (18-44 उम्र वर्ग) के लिए की गई अलॉटमेंट के अनुसार राज्य सरकार को सिर्फ 4.2 लाख की खुराक मिल पाई हैं. जिसमें कल मिली 66,000 खुराकें भी शामिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि कुल 3.65 लाख टीकों का प्रयोग पहले ही किया जा चुका है और अब तक सिर्फ 64000 ही प्रयोग के लिए बचे हैं.

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