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पंजाब निकाय चुनाव: 1212 सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतार पाई BJP, कई नेताओं ने छोड़ा साथ

बीजेपी अकेले लड़ रही है चुनाव. (pic- News18)
बीजेपी अकेले लड़ रही है चुनाव. (pic- News18)

Punjab local Elections: राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस ने 2128, शिरोमणि अकाली दल ने 1569 और भाजपा ने सबसे कम 1003 उम्मीदवार उतारे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 10, 2021, 2:24 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब में नगर निकाय और नगर पंचायतों के चुनाव में (Municipal Council and Nagar Panchayat election) लगातार हो रहे विरोध के कारण बीजेपी 2215 में से 1212 वार्ड में प्रत्याशी ही नहीं उतार पाई. सूबे में कई वार्ड ऐसे हैं जहां पर बीजेपी को प्रत्याशी ही नहीं मिले. अगर कहीं मिले भी तो उन्होंने चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया. कई जगह बीजेपी प्रत्याशी पार्टी चुनाव चिह्न को छोड़कर बतौर आजाद प्रत्याशी के मैदान में हैं. उधर कांग्रेस ने भी एक सोची समझी रणनीति के तहत 87 आजाद उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.

राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस ने 2128, शिरोमणि अकाली दल ने 1569 और भाजपा ने सबसे कम 1003 उम्मीदवार उतारे हैं. किसान आंदोलन के चलते भाजपा और अकाली दल अलग हो गए हैं. जिसके बाद भाजपा ने निकाय चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का ऐलान किया था.

जिला रोपड़ की बात करें तो काउंसिल चुनाव में 150 आजाद प्रत्याशी पार्टी के चुनाव चिंह के मैदान में हैं. आनंदपुर साहिब में तीन वार्डों से दलजीत सिंह कैंथ, सोनिया मेहता और प्रवीण कौशल को टिकट दिए थे, लेकिन उन्होंने पार्टी चुनाव चिह्न पर लड़ने से इनकार कर दिया और आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. फरीदकोट के कोटकपूरा में भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष आशु गप्पा और नगर काउंसिल कोटकपूरा के पूर्व उपाध्यक्ष भूषण मित्तल भी आजाद तौर चुनाव लड़ रहे हैं.



बरनाला में भी कुछ ऐसा ही आलम है भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव नीरज जिंदल की माता सरोज रानी भी आजाद उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. हालांकि उन्हें भी भाजपा ने टिकट देने का ऐलान किया था. भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी के मेंबर रघुवीर प्रकाश गर्ग के बेटे नरेंद्र गर्ग नीटा ने पार्टी के टिकट का नकार दिया था और एक रणनीति के तहत आजाद उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे.
बठिंडा भाजपा अध्यक्ष विनोद बिंटा नगर काउंसिल में अपने ही दम पर आजाद तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. बठिंडा निगम से भाजपा का टिकट न मिलने पर परमिंदर कौर आजाद लड़ रहीं हैं. फरीदकोट में भी कुछ ऐसा ही हाल है. चुनाव से पहले यहां भाजपा के जिलाध्यक्ष व फरीदकोट के पार्षद विजय छाबड़ा अकाली दल में शामिल हो गए थे. भाजपा हाईकमान को चुनाव से पहले यहां जिला कार्यकारिणी भंग करनी पड़ी.

फतेहगढ़ साहिब में भाजपा ने पंकज शर्मा को टिकट दिया लेकिन उन्होंने चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया और शिअद में शामिल हो गए. शिअद ने भी उन्हें टिकट दिया लेकिन दस्तावेजों में कमी के कारण उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. जबकि मोगा में भाजपा ने के 50 में से 29 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.
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