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पंजाब: नायब तहसीलदार ने जमीन खरीद में सरकार को लगाया 48 करोड़ का चूना, अब हुआ गिरफ्तार, जानिए घोटाले की पूरी कहानी

पंजाब: नायब तहसीलदार ने जमीन खरीद में सरकार को लगाया 48 करोड़ का चूना, अब हुआ गिरफ्तार, जानिए घोटाले की पूरी कहानी

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने श्री आनन्दपुर साहिब में तैनात रघुबीर सिंह नायब तहसीलदार को 48 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है. (सांकेतिक फोटो)

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने श्री आनन्दपुर साहिब में तैनात रघुबीर सिंह नायब तहसीलदार को 48 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है. (सांकेतिक फोटो)

Punjab News: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने श्री आनंदपुर साहिब में तैनात नायब तहसीलदार रघुबीर सिंह को 48 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है. नायब तहसीलदार पर आरोप है कि उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर जिला रूपनगर के करुरा गांव में गैर-मुमकिन पहाड़ सहित 54 एकड़ की भूमि कलेक्टर रेट की अपेक्षा अधिक कीमत पर रजिस्ट्री करवाई है. इस तरह आरोपी की मिलीभगत से सरकारी खजाने को 48 करोड़ रुपये का चूना लगा है.

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हाइलाइट्स

नायब तहसीलदार ने 54 एकड़ की भूमि कलेक्टर रेट की अपेक्षा अधिक कीमत पर रजिस्ट्री करवाई है.
विजिलेंस की जांच में पता लगा है कि कॉर्पोरेशन को बेची गई 54 एकड़ जमीन वास्तव में करीब 46 एकड़ ही है.
आरोपी की मिलीभगत से सरकारी खजाने को 48 करोड़ रुपए का चूना लगा है.

(एस. सिंह)

चंडीगढ़. पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने श्री आनंदपुर साहिब में तैनात नायब तहसीलदार रघुबीर सिंह को 48 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है. नायब तहसीलदार पर आरोप है कि उसने कुछ लोगों के साथ मिलकर जिला रूपनगर के करुरा गांव में गैर-मुमकिन पहाड़ सहित 54 एकड़ भूमि की कलेक्टर रेट की अपेक्षा अधिक कीमत पर रजिस्ट्री करवाई है. इस तरह आरोपी की मिलीभगत से सरकारी खजाने को 48 करोड़ रुपये का चूना लगा है.

नायब तहसीलदार और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 468, तथा 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7 ए, 8, तथा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जिसकी जांच विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की जा रही है.

कुल 54 एकड़ की जमीन
विजिलेंस ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांव करुरा में गैर-मुमकिन पहाड़, नदी, टिब्बा, चौआ, चंगर टिब्बा, दरार आदि किस्म के 54 एकड़ क्षेत्रफल की जमीन करुरा गांववासियों के नाम पर थी. जिसको पंजाब राज्य जंगलात कॉर्पोरेशन एसएएस नगर द्वारा खरीदे जाने का प्रस्ताव दिया गया था.

इस संबंध में गांव की जमीन का निरीक्षण करने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी. जिसमें अमित चौहान वन मंडल अफसर रूपनगर, जुगराज सिंह रीजनल मैनेजर मोहाली, अमरजीत सिंह हलका पटवारी नुमाइंदा दफ़्तर, एसडीएम श्री आनंदपुर साहिब, जसपाल सिंह रेंज अफ़सर ब्लॉक नूरपुरबेदी, नरिन्दर सिंह और राजेश कुमार दोनों वन गार्ड, रामपाल सिंह सरपंच गांव करुरा और योगेश कुमार बतौर कमेटी मेंबर शामिल थे.

सरकारी खजाने को 48 करोड़ रुपये का लगा चूना 
विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि दो व्यक्तियों दलजीत सिंह भिंडर और अमरिंदर सिंह भिंडर द्वारा एक साजिश के तहत मिलीभगत करके कलेक्टर रेट के मुताबिक 90,000 रुपये प्रति एकड़ वाली जमीन पंजाब जंगलात कॉर्पोरेशन लिमिटेड को 9,90,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बेच दी. इस तरह आरोपियों ने सरकारी खजाने को 48 करोड़ रुपये का चूना लगाया.

विजिलेंस की जांच में पता लगा है कि कॉर्पोरेशन को बेची गई 54 एकड़ जमीन वास्तव में करीब 46 एकड़ ही है. दस्तावेजों से यह भी पाया गया कि इस जमीन की रजिस्ट्री नायब तहसीलदार रघुवीर सिंह ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर नूरपुरबेदी तहसील में जाकर की. उन्होंने बताया कि प्राथमिक पड़ताल के उपरांत इस मुकदमे में दोषी नायब तहसीलदार रघुवीर सिंह को विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दोषियों की तलाश जारी है.

Tags: Chandigarh, Punjab, Punjab news, Scam

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