• Home
  • »
  • News
  • »
  • punjab
  • »
  • Punjab: कैप्टन के होम टाउन पटियाला में 8 महीने में 1000 हजार से ज्यादा धरने और प्रदर्शन

Punjab: कैप्टन के होम टाउन पटियाला में 8 महीने में 1000 हजार से ज्यादा धरने और प्रदर्शन

 1 मार्च से 31 अगस्त तक पटियाला में 1,153 धरना या आंदोलन हुए हैं.  (फ़ाइल फोटो)

1 मार्च से 31 अगस्त तक पटियाला में 1,153 धरना या आंदोलन हुए हैं. (फ़ाइल फोटो)

Punjab: प्रदेश भर के आंदोलनकारियों ने पटियाला को अपना पसंदीदा धरना स्थल बनाया है. औसतन, जिला पुलिस और स्थानीय लोगों को हर महीने लगभग 200 आंदोलनों से दो चार होना पड़ रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    चंडीगढ़. पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, चुनावी वर्ष में विभिन्न सरकारी कर्मचारी संगठनों और बेरोजगार संघों के धरने और प्रदर्शन रोजाना जारी हैं. ज्यादातर विरोध प्रदर्शन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) के होम टाउन पटियाला में किए जा रहे हैं. जहां पर ये संगठन उनके आवास को घेरने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि पिछले छह महीने से कैप्टन अपने होम टाउन में आए ही नहीं हैं. दि ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले आठ महीनों में पटियाला में सीएम कैप्टन के आवास को घेरने के लिए 1000 हजार से ज्यादा विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

    इस सब के चलते अभी भी पटियाला में सरकारी शिक्षकों, किसानों, डॉक्टरों, पटवारियों, संविदा कर्मचारियों और कई अन्य लोगों के लगातार विरोध ने जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. कई यूनियनें विरोध कर रही हैं और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बैठक करने या पटियाला में उनके सरकारी आवास की ओर मार्च करने की धमकी देने की मांग कर रही हैं. जहां सीएम पिछले छह महीनों में छह बार भी अपने गृहनगर नहीं गए हैं, वहीं सैकड़ों आंदोलनों ने उनके निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों को कई बार परेशान किया है.

    ये भी पढ़ें:- –Afghanistan: तालिबान के खिलाफ सड़कों पर उतरीं अफगान महिलाएं, मांगा काम करने का अधिकार

    द ट्रिब्यून के आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च से 31 अगस्त तक पटियाला में 1,153 धरना या आंदोलन हुए हैं. इनमें से 57 राज्य स्तरीय धरने थे, जिसके लिए जिला प्रशासन को अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बलों को बुलाना पड़ा. यहां तक कि शहर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रिजर्व बटालियन भी बुलानी पड़ी. इन प्रदर्शनों के दौरान कई पुलिस और आंदोलनकारी घायल हुए हैं; कुछ नहर में कूद गए थे या मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे.

    प्रदेश भर के आंदोलनकारियों ने पटियाला को अपना पसंदीदा धरना स्थल बनाया है. औसतन, जिला पुलिस और स्थानीय लोगों को हर महीने लगभग 200 आंदोलनों से परेशान होना पड़ रहा है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. इस बीच, विभिन्न यूनियनों ने कहा है कि उनकी मांगों को पूरा करवाने के लिए इस तरह के आंदोलन करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है.

    एसएसपी पटियाला संदीप गर्ग कहते हैं कि हम हमेशा आंदोलनकारियों से यह सुनिश्चित करने की अपील करते हैं कि उनके धरने से लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. साथ ही, हम सुनिश्चित करते हैं कि आंदोलन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा हो और स्थानीय लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज