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पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र रद्द, भगवंत मान के विश्वास प्रस्ताव से एक दिन पहले राज्यपाल ने वापस लिया आदेश

पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र रद्द, भगवंत मान के विश्वास प्रस्ताव से एक दिन पहले राज्यपाल ने वापस लिया आदेश

भगवंत मान ने सोमवार को घोषणा की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. (फाइल फोटो)

भगवंत मान ने सोमवार को घोषणा की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. (फाइल फोटो)

Punjab News: पंजाब की सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से एक दिन पहले, पंजाब के राज्यपाल ने बुधवार को कानूनी कारणों का हवाला देते हुए विधानसभा को बुलाने के अपने आदेश को वापस ले लिया है. भगवंत मान ने सोमवार को घोषणा की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा.

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  • News18Hindi
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हाइलाइट्स

22 सितंबर को विशेष विधानसभा सत्र अब नहीं होगा.
राज्यपाल ने कानूनी कारणों का हवाला देते हुए विधानसभा को बुलाने के अपने आदेश को वापस ले लिया है.
भगवंत मान ने सोमवार को घोषणा की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा.

स्वाति भान

चंडीगढ़. पंजाब की सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने से एक दिन पहले, पंजाब के राज्यपाल ने बुधवार को कानूनी कारणों का हवाला देते हुए विधानसभा को बुलाने के अपने आदेश को वापस ले लिया है. यह आदेश विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अश्विनी शर्मा द्वारा विरोध में राज्यपाल को लिखे गए पत्र के बाद आया है. जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार के पक्ष में विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विशेष सत्र बुलाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है.

राज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस मामले की जांच की गई और भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन से कानूनी राय मांगी गई. उन्होंने अपनी कानूनी राय दी है कि पंजाब विधानसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों में केवल ‘विश्वास प्रस्ताव’ पर विचार करने के लिए विधानसभा को बुलाने के संबंध में कोई विशेष प्रावधान नहीं है.

बयान में आगे कहा गया है कि उपरोक्त कानूनी राय के आलोक में, जो स्थापित करता है कि पंजाब विधानसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों के तहत कोई कानूनी प्रावधान नहीं है जो केवल विश्वास प्रस्ताव के लिए एक विशेष सत्र बुलाने का प्रावधान करता है. अत: पंजाब के राज्यपाल ने 22 सितंबर को विधानसभा बुलाने के संबंध में अपना आदेश वापस ले लिया है.

कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने इसे लेकर कहा था कि पंजाब के राज्यपाल को कल विधानसभा की असंवैधानिक कार्यवाही की इजाजत नहीं देनी चाहिए. क्योंकि नियमों के तहत सत्तारूढ़ दल द्वारा विश्वास प्रस्ताव लाने का कोई प्रावधान नहीं है. साथ ही स्पीकर कुलतार सिंह और डिप्टी स्पीकर गैर-जमानती वारंट का सामना कर रहे हैं और इसलिए वह कल की अध्यक्षता भी नहीं कर सकते.

गौरतलब है कि भगवंत मान ने सोमवार को घोषणा की थी कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा. विधानसभा में संख्या की बात करें तो 92 विधायकों के साथ 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में AAP के पास भारी बहुमत है. जबकि कांग्रेस के पास 18 विधायक हैं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पास तीन, भारतीय जनता पार्टी के दो और बहुजन समाज पार्टी (BSP) का एक है. विधानसभा में एक निर्दलीय सदस्य भी है.

Tags: Bhagwant Mann, Punjab Assembly Session

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