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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों के वन घोटाले में IFS अधिकारी परवीन गिरफ्तार

पंजाब विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों के वन घोटाले में IFS अधिकारी परवीन गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)

पंजाब विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों के वन घोटाले में IFS अधिकारी परवीन गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कहा कि घोटाले के हिस्से के रूप में आरोपी अधिकारी परवीन ने कथित तौर पर अधिकारियों की पोस्टिंग, ...अधिक पढ़ें

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रिपोर्ट: एस. सिंह

चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (IFS) परवीन कुमार को करोड़ों रुपए के कथित वन घोटाले में गिरफ्तार किया है. विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) के प्रवक्ता ने दावा किया कि परवीन ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि पूर्व वन मंत्री संगत सिंह गिलजियां ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए उन पर कथित तौर पर दबाव डाला था. प्रवक्ता ने कहा कि यह गिरफ्तारी दो वन मंत्रियों द्वारा कथित संगठित भ्रष्टाचार की चल रही जांच के तहत की है. परवीन कुमार को वीबी आज अदालत में पेश करेगी.

विजिलेंस ब्यूरो ने कहा कि घोटाले के हिस्से के रूप में आरोपी ने कथित तौर पर अधिकारियों की पोस्टिंग, खैर पेड़ों को काटने और बेचने, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को एनओसी जारी करने और करोड़ों के ट्री गार्ड की खरीद में अवैध रूप से काम किया. वीबी का दावा है कि उसे आईएफएस अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक मौखिक, दस्तावेजी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिले हैं. परवीन वन विभाग में एनओसी जारी करने के लिए सीईओ और नोडल अधिकारी बने रहे. गिलजियां के वन मंत्री बनने के कुछ दिनों बाद अक्टूबर 2021 में उन्हें प्रधान मुख्य संरक्षक नियुक्त किया गया था.

प्रवक्ता ने कहा कि परवीन ने कथित तौर पर गिलजियां के भतीजे दलजीत सिंह और विपुल सहगल के साथ एक साजिश रची और दोनों को वन संरक्षक विशाल चौहान से मिलवाया. उन्हें निविदाओं के अनिवार्य निमंत्रण के बिना वन विभाग को ट्री गार्ड की आपूर्ति को व्यवस्थित करने के लिए कहा गया. नतीजतन, नितिन बंसल, बिंदर सिंह, सचिन मेहता और विपुल सहगल सहित अन्य सह-आरोपियों के सहयोग से ट्री गार्ड की खरीद की आड़ में करोड़ों रुपये का कथित रूप से गबन किया गया.

प्रवक्ता ने आगे कहा कि गिलजियां और परवीन ने पंजाब में चुनाव आचार संहिता लागू होने से एक दिन पहले 1 जनवरी, 2022 को 23 कार्यकारी फील्ड अधिकारियों से पैसे लेने के बाद के स्थानांतरण आदेश जारी करने के लिए मानदंडों को दरकिनार किया.

Tags: Punjab news, Punjab Police

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