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जब राहुल के प्रोग्राम में सवाल पूछने से रोका तो सिद्धू बोले- पाजी आज न रोक, पहला ही बिठा रखे सी

नवजोत सिंह सिद्धू कृषि कानूनों के खिलाफ आयोजित इस ट्रैक्टर रैली और जनसभा में शामिल होने के लिए वह भी मोगा पहुंचे थे.
नवजोत सिंह सिद्धू कृषि कानूनों के खिलाफ आयोजित इस ट्रैक्टर रैली और जनसभा में शामिल होने के लिए वह भी मोगा पहुंचे थे.

राज्य के पूर्व मंत्री और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू हाल के दिनों में कांग्रेस की ज्यादातर गतिविधियों से दूर रहते आए हैं. हालांकि, कृषि कानूनों के खिलाफ (New Agriculture Law) आयोजित इस ट्रैक्टर रैली और 'खेती बचाव' यात्रा में शामिल होने के लिए वह भी पंजाब के मोगा पहुंचे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 7:03 AM IST
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मोगा (पंजाब). कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और मौजूदा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Law) के खिलाफ रविवार को मोगा में एक ट्रैक्टर रैली का नेतृत्व किया. राहुल ने मोगा के बदनी कलां में जनसभा को भी संबोधित किया. लंबे समय के बाद नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) भी इस जनसभा में दिखे. इस बीच सिद्धू जनसभा में कुछ सवाल पूछ रहे थे, तभी पंजाब के काउंटर मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन सिद्धू ने अपने अंदाज में कह दिया कि आप उन्हें न रोका जाए.

राज्य के पूर्व मंत्री और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ज्यादातर कांग्रेस की सभी गतिविधियों से दूर रहते आए हैं. हालांकि, कृषि कानूनों के खिलाफ आयोजित इस ट्रैक्टर रैली और जनसभा में शामिल होने के लिए वह भी मोगा पहुंचे थे. जनसभा को संबोधित करते हुए सिद्धू ने कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी नीत केंद्र सरकार की आलोचना की और उन्हें ‘संघीय ढांचे पर हमला’ बताया. इसी दौरान सिद्धू को चुप कराने के लिए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उनके सामने कोई कागज रखा था. इस पर सिद्धू ने कहा- 'पाजी आज ना रोक पहला ही बिठा रखे सी (पाजी आज मत रोको. पहले केवल बैठा रहता था).

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पूंजीवादी चला रहे हैं सरकार
नवजोत सिंह सिद्धू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को ‘पूंजीवादी’ चला रहे हैं. उन्होंने कहा, 'वे हमारे अधिकार छीन रहे हैं. केंद्र ने एक ऐसी प्रणाली थोपी है जो यूरोप और अमेरिका में विफल हो गई है. नए अधिनियमों से पांच लाख श्रमिकों और 30,000 आढ़ती प्रभावित होंगे.' सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार को दालों और तिलहन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देना चाहिए और फसल के भंडारण के लिए बुनियादी ढांचा बनाना चाहिए.

राहुल ने कहा- सरकार बनी तो खत्म करेंगे तीनों काले कानून
वहीं, जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा- 'मैं इस बात की गारंटी देता हू कि अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो वह इन तीनों काले कानून को खत्म कर देगी.' ‘खेती बचाओ यात्रा’ के नाम से निकाली जा रही ट्रैक्टर रैलियां करीब 50 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करेगी और विभिन्न जिलों तथा निर्वाचन क्षेत्रों से गुजरेंगी.

किन कृषि कानूनों का हो रहा विरोध
संसद ने हाल में तीन विधेयकों- ‘कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक-2020’, ‘किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन’ अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक 2020 और ‘आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक-2020’ को पारित किया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी के बाद तीनों कानून 27 सितंबर से प्रभावी हो गए.


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बता दें कि नए कृषि कानूनों का पंजाब के किसान विरोध कर रहे हैं. किसानों को आशंका है कि केंद्र द्वारा किए जा रहे कृषि सुधार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को समाप्त करने का रास्ता साफ होगा और वे बड़ी कंपनियों की ‘दया’ पर आश्रित रह जाएंगे. हालांकि, सरकार का कहना है कि एमएसपी प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.
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