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    पंजाब में सिर्फ मालगाड़ी नहीं चलाएगी रेलवे, अब भी 23 स्टेशनों के आसपास जमा हैं आंदोलनकारी किसान

    फाइल फोटोः पंजाब में आंदोलनकारी किसान 40 दिन तक रेल पटरियों पर धरना देने के बाद पटरियों से हट गए हैं और वे केवल मालगाड़ियां चलाने की छूट देने को तैयार हैं.
    फाइल फोटोः पंजाब में आंदोलनकारी किसान 40 दिन तक रेल पटरियों पर धरना देने के बाद पटरियों से हट गए हैं और वे केवल मालगाड़ियां चलाने की छूट देने को तैयार हैं.

    भारतीय रेल (Indian Railway) ने पंजाब (Punjab) में मालगाड़ियां (Goods Train) चलाने से इनकार कर दिया है. रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि राज्य अपनी मनपसंद से चुनाव नहीं कर सकते कि रेल पटरियों पर कौन-सी ट्रेन चलेगी और कौन सी नहीं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 7, 2020, 7:47 PM IST
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    नई दिल्ली. भारतीय रेल (Indian Railway) ने पंजाब (Punjab) में मालगाड़ियां (Goods Train) चलाने की संभावना से शनिवार को मना कर दिया. रेलवे बोर्ड प्रमुख ने कहा कि वह यात्री और मालगाड़ी, दोनों सेवाओं का परिचालन करेंगे या किसी का भी नहीं.

    आंदोलनकारी किसान 40 दिन तक रेल पटरियों पर धरना देने के बाद पटरियों से हट गए हैं और वे केवल मालगाड़ियां चलाने की छूट देने को तैयार हैं. पंजाब में नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसके चलते किसानों ने रेल की पटरियों पर चक्का जाम किया हुआ है और राज्य में 24 सितंबर से ट्रेनों का परिचालन बंद है.

    रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी. के. यादव ने कहा कि राज्य ‘अपनी पसंद से चुनाव नहीं कर सकते. कोई यह निर्देश नहीं दे सकता कि पटरियों पर कौन सी ट्रेन चलेगी या कौन सी नहीं, यह व्यावहारिक नहीं है.



    उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अभी भी पंजाब में एक रेलवे स्टेशन पर हैं और 22 अन्य जगहों पर स्टेशन के बाहर जमा हैं और धमकी दी है कि यदि यात्री रेलगाड़ी चलायी गयी तो वह फिर पटरियों की ओर लौट आएंगे.
    यादव ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों और राज्य सरकार की ओर से समान बयान आए हैं. पटरियों को केवल मालगाड़ियों के लिए खाली किया गया है. भारतीय रेल इस तरह से परिचालन नहीं कर सकती. यदि पटरियां खाली हैं तो वह माल एवं यात्री दोनों तरह की गाड़ियों के लिए खाली हैं. हमारी उनसे दरख्वास्त है कि ट्रेनों का परिचालन भारतीय रेल पर छोड़ दिया जाए.’

    राज्य सरकार और भारतीय रेल के अधिकारी राज्य में ट्रेन सेवा को बहाल करने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं.

    राज्य सरकार ने शुक्रवार रात को एक बयान में कहा था कि रेल की पटरियां ट्रेन परिचालन के लिए खाली कर दी गयी हैं. लेकिन, भारतीय रेल का दावा है कि राज्य सरकार का यह बयान उन लोगों के साथ ‘छलावा’ हैं, जिन्हें त्यौहारी मौसम के दौरान ट्रेनों के परिचालन पर रोक से दिक्कत हो रही है.

    प्रदर्शनकारियों की मांग को ठुकराते हुए यादव ने कहा, ‘हम इस माहौल में ट्रेन नहीं चला सकते, जहां प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम कुछ तरह की ट्रेन ही चला सकते हैं. वहीं उन ट्रेनों की सुरक्षा के लिए भी राज्य सरकार की ओर से हमें कोई आश्वासन नहीं मिला है. राज्य सरकार भी वही कह रही है जो प्रदर्शनकारी कह रहे हैं.’
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