दिल्ली में आंदोलन से लौट कर पंजाब के युवा किसान ने की आत्महत्या, कुछ ही दिन बाद थी शादी

 भाकियू के जिला प्रधान जसपाल सिंह कहा कि किसान आंदोलन के दौरान बरनाला में 20 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है.

भाकियू के जिला प्रधान जसपाल सिंह कहा कि किसान आंदोलन के दौरान बरनाला में 20 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है.

Farmer Protest updates: मृतक युवा किसान सतवंत सिंह पिछले करीब पांच महीने से किसान आंदोलन में शामिल हो रहा था. बताया जा रहा है कि आंदोलन में मरने वाले किसानों को लेकर वह काफी आहत और मानसिक तनाव में था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 7:58 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब के बरनाला गांव के एक युवा किसान ने दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन (Delhi Kisan Andolan) से लौटकर सुसाइड (Suicide) कर लिया है. इस युवा किसान की जनवरी माह में ही सगाई हुई थी और आंदोलन का रुख देखते हुए इसके घर वाले कुछ दिन बाद ही इसकी शादी करने वाले थे. सुसाइड करने वाले 25 साल के इस युवक का नाम सतवंत है और यह बरनाला के जैमल सिंह वाला का रहने वाला था.

दिल्ली से वह गुरुवार को लौटा था और देर रात उसने कमरे में अपने आप को पंखे से लटका लिया. इस युवा किसान के सुसाइड पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बवाल खड़ा कर दिया है. यूनियन ने सरकार से मांग की है कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी, कर्ज माफी और उचित मुआवजा दिया जाए. यूनियन ने कहा है कि जब तक सरकार इन मांगों को मान नहीं लेती तब तक मृतक किसान के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा.

जमीन छीन लिए जाने का था डर
मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक मृतक युवा किसान सतवंत सिंह पिछले करीब पांच महीने से किसान आंदोलन में शामिल हो रहा था. बताया जा रहा है कि आंदोलन में मरने वाले किसानों को लेकर वह काफी आहत और मानसिक तनाव में था. उसका परिवार 2 करनाल जमीन पर खेती करके गुजर-बसर कर रहा था. इसके अलावा वह खुद लकड़ी का कारीगर भी था. गांव के सरपंच सुखदीप का कहना है कि मृतक के दो भाई बहनों में बहन की शादी हो चुकी है और भाई सेना में है. सरपंच ने बताया कि सतवंत यह कहता रहता था कि अगर किसानों की मांगे पूरी नहीं हुईं तो उनकी जमीनें छीन ली जाएंगी और सब कुछ खत्म हो जाएगा.
कुछ ही दिनों में होने वाली थी शादी


मृतक के पिता गुरचरण सिंह कहते है कि सतवंत घर में लकड़ी का काम व खेती से पूरे परिवार को दो वक्त की रोटी मुहैया करवाता था. वह उनका रोजी रोटी लिए सहारा था जिसे किसान आंदोलन ने छीन लिया.

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उन्होंने बताया कि जनवरी में सतवंत की एक लड़की से सगाई भी कर दी थी और अच्छे वक्त को देखते हुए उसकी शादी भी करने वाले थे लेकिन उससे पहले उसकी अर्थी निकालनी पड़ेगी. भाकियू के जिला प्रधान जसपाल सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान बरनाला में 20 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है. जबकि केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है.
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