अकालियों ने स्वास्थ्य मंत्री की कोठी को घेरा, सुखबीर बोले- एक्शन नहीं हुआ तो जाएंगे कोर्ट

 सुखबीर बादल ने कहा कि उन्होंने कई घोटाले देखे पर कोरोना वैक्सीन से मुनाफा कमाने वाला ऐसा घोटाला पहली बार देखा.

सुखबीर बादल ने कहा कि उन्होंने कई घोटाले देखे पर कोरोना वैक्सीन से मुनाफा कमाने वाला ऐसा घोटाला पहली बार देखा.

Sukhbir Badal ने कहा कि एक तरफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगा रही है और दूसरी तरफ कैप्टन सरकार वैक्सीन बेच कर मुनाफा कमा रही है.

  • Share this:

चंडीगढ़. कोरोना वैक्सीन निजी अस्पतालों को बेचने के मामले में शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की कोठी का घेराव किया. शिअद कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री सिद्धू के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. इस घेराव और प्रदर्शन के लिए शिअद के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रधान सुखबीर बादल के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंचे थे. बादल ने स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की और चेतावनी दी की इस पर जल्द कार्रवाई न की गई तो 15 जून को शिअद द्वारा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कोठी का घेराव किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यही नहीं कार्रवाई न होने पर अदालत का रुख भी किया जाएगा.

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि उन्होंने कई घोटाले देखे पर कोरोना वैक्सीन से मुनाफा कमाने वाला ऐसा घोटाला पहली बार देखा. उन्होंने कहा कि एक तरफ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगा रही है और दूसरी तरफ कैप्टन सरकार वैक्सीन बेच कर मुनाफा कमा रही है. एसजीपीसी ने कोविड काल में 200 डॉक्टर और डेढ़ सौ नर्सेज रखकर लोगों की सेवा की है.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री ने पहले फतेह किटों का घोटाला किया है. अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने ज्यादा दामों पर फतेह किट खरीदने के दाम फिक्स करवाए हैं. इस मौके पर पूर्व सांसद व अकाली दल के सीनियर नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व एमएलए डॉ दलजीत सिंह चीमा, डेराबस्सी के विधायक एनके शर्मा, एसजीपीसी मेंबर व महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन परमजीत कौर लांडरां समेत कई नेता हाजिर रहे.

उधर अपने आवास के बाहर दोनों पक्षों आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल द्वारा दिए गए धरने का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धू ने कहा है कि दोनों पार्टियां अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं और एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. उन्होंने कहा, दोनों दलों ने राज्य और विशेष रूप से मोहाली में अपनी प्रासंगिकता खो दी है, जहां हाल ही में संपन्न हुए शहरी निकाय चुनावों में अकाली दल पूरी तरह से खाली हो गया था.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज