पंजाब विधानसभा के बाहर अकालियों का जबरदस्त प्रदर्शन, पुलिस को करना पड़ा वाटर कैनन का इस्तेमाल

राज्यपाल के अभिभाषण के समय अकाली विधायकों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी थी और कैप्टन को भी घेरा डाल लिया था.

राज्यपाल के अभिभाषण के समय अकाली विधायकों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी थी और कैप्टन को भी घेरा डाल लिया था.

Captain Amarinder Singh: मुख्यमंत्री जब राज्यपाल के अभिभाषण का जवाब दे रहे थे, अकाली विधायकों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी घेरा डाल लिया था.

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चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा (Punjab Assembly) में बजट पेश होने से पहले शिरामणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के विधायकों ने विधानसभा के बाहर अपनी मांगों को लेकर कैप्टन सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया. विधायकों के निलंबन को शिअद के विधायक रद्द करने की मांग कर रहे थे. इन विधायकों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (Water Canon) का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान कुछ विधायकों की पुलिस से भी नोकझोंक हो गई. हालांकि सदन में बजट पेश किए जाने के बाद 10 विधायकों के निलंबन को रद्द कर दिया गया.

गौरतलब है कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिरोमणि अकाली दल के 10 विधायकों को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए विस अध्यक्ष राणा के. पी. सिंह ने निलंबित कर दिया था. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) जब राज्यपाल के अभिभाषण का जवाब दे रहे थे. अकाली विधायकों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी घेरा डाल लिया था. इसके बाद मार्शलों ने निलंबित विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया था.

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कैप्टन सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
वहीं बजट पेश होने से पहले लोक इंसाफ पार्टी के विधायकों ने भी हंगामा किया. अकाली विधायकों ने विक्रम सिंह मजीठिया (Vikram Singh Majithia) के साथ विधानसभा के अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इस दौरान पंजाब के पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने कैप्टन सरकार पर जनता से वादाखिलाफी के आरोप लगाए और कहा कि सरकार जनता से किए वादों को पूरा करने में नाकामयाब रही है.

राज्य विधानसभा का बजट सत्र 1 मार्च को राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था. 10 मार्च तक चलने वाले इस सत्र के केवल दो दिन ही बचे हैं.

पंजाब सरकार के अपने कार्यकाल का यह अंतिम बजट सत्र भी है. सरकार अपना चुनावी बजट पेश कर चुकी है और इसमें किसानों सहित हर वर्ग के लिए कई घोषणाएं की हैं.
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