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दिल्ली की घटनाओं से हतप्रभ, कुछ तत्वों की हिंसा स्वीकार नहीं: कैप्टन अमरिंदर

अमरिंदर सिंह ने किसानों से वापस लौटने की अपील की है. (तस्वीर-ANI)
अमरिंदर सिंह ने किसानों से वापस लौटने की अपील की है. (तस्वीर-ANI)

कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने कहा है कि दिल्ली के दृश्यों से हतप्रभ हूं. कुछ तत्वों द्वारा की गई हिंसा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं. ये किसानों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भावना के खिलाफ है. किसान नेताओं ने हिंसा से खुद को अलग कर लिया है और ट्रैक्टर रैली स्थगित की है. मैं सभी वास्तविक किसानों से अपील करता हूं कि वो दिल्ली खाली करें और वापस बॉर्डर पर लौट जाएं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2021, 7:56 PM IST
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चंडीगढ़. दिल्ली में गणतंत्र दिवस (Republic Day 2021) के दिन ट्रैक्टर मार्च के नाम पर हिंसा और उपद्रव की पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आलोचना की है. उन्होंने कहा है, 'दिल्ली के दृश्यों से हतप्रभ हूं. कुछ तत्वों द्वारा की गई हिंसा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं. ये किसानों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की भावना के खिलाफ है. किसान नेताओं ने हिंसा से खुद को अलग कर लिया है और ट्रैक्टर रैली स्थगित कर दी है. मैं सभी वास्तविक किसानों से अपील करता हूं कि वो दिल्ली खाली करें और वापस बॉर्डर पर लौट जाएं.'

इससे पहले गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के बाद कैप्टन अमरिंदर ने कहा था कि उनका दिल किसानों के साथ है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी से किसानों की मांगों का निपटारा करने की मांग की.





केंद्र सरकार ने नहीं किया था हाई पावर कमेटी में शामिल
कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि कानून बनाने को लेकर उच्च स्तरीय कमेटी में पंजाब को जानबूझ कर शामिल नहीं किया. क्योंकि केंद्र सरकार को पता था कि पंजाब से इन कानूनों के खिलाफ विरोध के स्वर उठेंगे. उन्होंने कहा कि इन कानूनों का तब तक विरोध होता रहेगा जब तक किसानों के हितों की सुरक्षा नहीं हो जाती. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को हाई पावर कमेटी में उनके निजी तौर पर आग्रह करने के बाद शामिल किया गया था.

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र ने पंजाब सरकार से कोई चर्चा नहीं की थी. किसानों की मांगों को मानने का केंद्र से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि कानून संघीय ढांचे के भी खिलाफ है. कैप्टन ने कहा कि यह भारतीय संविधान के शेड्यूल 7 के तहत राज्य के क्षेत्राधिकार में आता है. उन्होंने बताया कि यूके के 122 सांसदों ने भी किसानों के हक में आवाज उठाई और आंदोलन का समर्थन किया क्योंकि इस संघर्ष के दौरान किसानों ने अमन कायम रखा.

देश के खाद्य भंडारों में पंजाब का 40 फीसदी योगदान
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह भी दिन आएगा जब हरित क्रांति के माध्यम से देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने वाले किसानों को इस हद तक उपेक्षित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक समय पंजाब के किसानों ने देश के खाद्यान्नों में 50 प्रतिशत का योगदान दिया था और अब भी उन्होंने 40 प्रतिशत का योगदान दिया है. हम अपने देश में किसानों द्वारा दिए गए योगदान को कभी नहीं भूलेंगे.

सेना में 20 फीसदी है पंजाब की भागीदारी
भारतीय सेना में पंजाबियों की 20 फीसदी हिस्सेदारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सभी मोर्चों पर लड़ रहे थे. उन्होंने कहा कि देश को चीन और पाकिस्तान द्वारा उत्पन्न खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है.

कोविड के दौरान गेहूं और धान का रिकॉर्ड उत्पादन
कोविड महामारी के दौरान भी गेहूं और धान के रिकॉर्ड उत्पादन के लिए राज्य के किसानों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें कर्ज माफी और कुर्की का उन्मूलन शामिल है. उन्होंने कहा कि किसानों का 4,700 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है जबकि इस साल 2.82 लाख भूमिहीन खेत मजदूरों को राहत दी जाएगी.
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