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हाई सिक्योरिटी जेल में बैठकर 2 कैदियों ने बना ली 'भारत सरकार' की फर्जी वेबसाइट, ठगी से पहले खुला राज

Fake Website Case: पुलिस के मुताबिक मई 2021 में जेल में बंद अमन से पुलिस ने एक फोन बरामद किया था. कॉल डिटेल से मिले डेटा और कई अन्य तथ्यों से पता चला कि अमन और सुनील कालड़ा मिलकर एक नकली वेबसाइट चला रहे हैं

Fake Website Case: पुलिस के मुताबिक मई 2021 में जेल में बंद अमन से पुलिस ने एक फोन बरामद किया था. कॉल डिटेल से मिले डेटा और कई अन्य तथ्यों से पता चला कि अमन और सुनील कालड़ा मिलकर एक नकली वेबसाइट चला रहे हैं

Punjab News: पुलिस के मुताबिक मई 2021 में जेल में बंद अमन से पुलिस ने एक फोन बरामद किया था. कॉल डिटेल से मिले डेटा और कई अन्य तथ्यों से पता चला कि अमन और सुनील कालरा मिलकर एक नकली वेबसाइट चला रहे हैं.

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    चंडीगढ़. पंजाब में नाभा की हाई सिक्योरिटी (Jail in Nabha) जेल में बंद जेलब्रेक (jailbreak) मुकदमे का सामना कर रहे दो आरोपियों ने मई और जून के दौरान भारत सरकार की फर्जी वेबसाइट (Website of the Government of India) बना डाली. दोनों ने गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के तहत आने का दावा करने वाली फर्जी वेबसाइट 'sdrfindia.org' बनाकर जेल के अंदर से लोगों को ठगने की साजिश रची थी. दो कैदियों कुरुक्षेत्र के अमन उर्फ ​​अरमान और लुधियाना के सुनील कालरा के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक मई 2021 में जेल में बंद अमन से पुलिस ने एक फोन बरामद किया था. कॉल डिटेल से मिले डेटा और कई अन्य तथ्यों से पता चला कि अमन और सुनील कालरा मिलकर एक नकली वेबसाइट चला रहे हैं. तीन दिन के पुलिस रिमांड के बाद दोनों ने वेबसाइट के जरिए लूट की योजना का खुलासा किया.

    आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है, "दोनों राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) (State Disaster Response Force SDRF) में अधिकारियों और स्वयंसेवकों के रूप में भर्ती करने की पेशकश करके लोगों को धोखा देना चाहते थे. पुलिस ने कहा कि उनका तीसरा सहयोगी गिरफ्तारी से बच रहा है. वे वेबसाइट के माध्यम से की गई भर्ती के लिए युवाओं से पैसे वसूलना चाहते थे. उन्हें मोबाइल फोन कैसे मिला और जेल के अंदर से वेबसाइट कैसे बना ली, इसकी जांच की जा रही है. होशियारपुर की एक महिला भी मामले में संलिप्त है. दोनों आरोपियों ने उस महिला को बताया था कि वे केंद्र सरकार के अधिकारी हैं, पुलिस ने कहा कि इन दोनों ने महिला को जेल के अंदर से वेबसाइट बनाने का लालच दिया था, महिला का भाई एक पेशेवर वेबसाइट निर्माता है. उसकी मदद से महिला ने साइट तैयार करवा दी.

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मई 2021 में जेल में बंद अमन से पुलिस ने एक फोन बरामद किया था. कॉल डिटेल लैब से मिले डाटा और कई अन्य तथ्यों से पता चला कि अमन और सुनील कालरा एक नकली वेबसाइट चला रहे हैं. 17 जून को कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर अमन और सुनील कालरा के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करके अमन को कोर्ट से 1 दिन के प्रोडक्शन वारंट पर लिया था.

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