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पंजाब: सुखबीर बादल बने रहेंगे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष, नेतृत्व पर सवाल उठाने से बचने की चेतावनी

पंजाब: सुखबीर बादल बने रहेंगे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष, नेतृत्व पर सवाल उठाने से बचने की चेतावनी

पंजाब के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बादल पर सवाल उठ रहे थे. (फोटो News18)

पंजाब के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बादल पर सवाल उठ रहे थे. (फोटो News18)

Punjab News: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कार्यवाहक जिलाध्यक्षों ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया है. उन्होंने पार्टी नेताओं को सुखबीर के अधिकार पर सवाल उठाने से बचने और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है.

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हाइलाइट्स

झुंडा कमेटी ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की थी.
पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को पद छोड़ने के लिए कहा गया था.
पंजाब के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बादल पर सवाल उठ रहे थे.

(एस. सिंह)
चंडीगढ़. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के कार्यवाहक जिलाध्यक्षों ने पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताया है. उन्होंने पार्टी नेताओं को सुखबीर के अधिकार पर सवाल उठाने से बचने और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है. कार्यवाहक जिलाध्यक्षों ने बागियों को साफ तौर पर कहा है कि सुखबीर बादल ही पार्टी के अध्यक्ष हैं और बने रहेंगे. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) कोर कमेटी ने संगठनात्मक ढांचे को भंग कर दिया है. कमेटी द्वारा झुंडा पैनल की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है.

जिला अध्यक्ष इकबाल सिंह झुंडा, वरिष्ठ नेता विरसा सिंह वल्टोहा और मंतर सिंह बराड़ ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि सभी कार्यवाहक अध्यक्षों ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें सुखबीर के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है. उन्होंने सुखबीर के नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले वरिष्ठ नेताओं से पार्टी का अनुशासन भंग न करने की अपील की है और कहा है कि वे अपनी समस्याओं को उचित मंच पर उठाएं. नेताओं ने कहा है कि पार्टी में अनुशासन का उल्लंघन करने वाला कोई भी पार्टी का शुभचिंतक नहीं है और इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बादल को पद छोड़ने की दी थी सलाह
पंजाब के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद संगरूर से पार्टी के नेता इकबाल सिंह झुंडा के नेतृत्व में 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था. इस कमेटी ने संगठन के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की थी. विशेष रूप से पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को पद छोड़ने के लिए कहा गया था. इसके अलावा एक परिवार-एक-टिकट फॉर्मूला अपनाने और अध्यक्ष पद के लिए दो साल का कार्यकाल निर्धारित करने की सिफारिश भी की गई थी.

इकबाल सिंह झुंडा ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में पार्टी के एक उप-पैनल ने 42 सुझाव दिए थे और इन्हें उचित समय पर लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि अतीत में गलतियां की गई थीं, लेकिन हम उन्हें सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Tags: Punjab, Punjab politics, Shiromani Akali Dal

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