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sunil jakhar can also contest lok sabha elections from gurdaspur sunny deol missing from the area for two years

पंजाब: गुरदासपुर से लोकसभा चुनाव भी लड़ सकते हैं जाखड़, दो साल से गायब है ‘ढाई किलो का हाथ’

गुरदासपुर लोकसभा सीट से सनी देओल से पहले दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना प्रतिनिधित्व करते थे. सनी ने पिछले लोकसभा चुनाव में सुनील जाखड़ को मात दी थी. लेकिन जाखड़ ने अब अपने हाथ में कमल को थाम लिया है. ऐसा कहा जा रहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में वे गुरदासपुर से चुनाव लड़ सकते हैं.

गुरदासपुर लोकसभा सीट से सनी देओल से पहले दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना प्रतिनिधित्व करते थे. सनी ने पिछले लोकसभा चुनाव में सुनील जाखड़ को मात दी थी. लेकिन जाखड़ ने अब अपने हाथ में कमल को थाम लिया है. ऐसा कहा जा रहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में वे गुरदासपुर से चुनाव लड़ सकते हैं.

गुरदासपुर लोकसभा सीट से सनी देओल से पहले दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना प्रतिनिधित्व करते थे. सनी ने पिछले लोकसभा चुनाव में सुनील जाखड़ को मात दी थी. लेकिन जाखड़ ने अब अपने हाथ में कमल को थाम लिया है. ऐसा कहा जा रहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में वे गुरदासपुर से चुनाव लड़ सकते हैं.

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एस. सिंह 

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे सुनील जाखड़ के भाजपा में जाने के बाद, जहां उन्हें राज्यसभा सदस्य मनोनीत किए जाने की चर्चा जोरों पर है, वहीं अब यह भी अटकलें शुरू हो गई हैं कि वह गुरदासपुर से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं. यहां से उन्हें आसानी से टिकट मिल भी सकता है क्योंकि इस क्षेत्र के सांसद सनी देओल को लोगों ने अपने गृह क्षेत्र में करीब दो साल पहले आखिरी बार देखा था. उन्होंने जाखड़ को ही हरा कर चुनाव जीता था, लेकिन वह गुरदासपुर से नदारद ही रहते हैं.

गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी देओल से पहले क्षेत्र का प्रतिनिधित्व दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना करते थे. दो संवेदनशील सीमावर्ती जिलों गुरदासपुर और पठानकोट के क्षेत्र में नदारद रहने के कारण सनी आलोचनाओं का शिकार हो रहे हैं. उन्होंने अंतिम बार सितंबर 2020 में अपने क्षेत्र  का दौरा किया था. उस वक्त उन्होंने कोरोना वायरस महामारी और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी.

विधानसभा चुनाव प्रचार में भी नहीं दिखे थे सनी

यह दौरा उनकी पिछली यात्रा के छह महीने बाद आया था. हालांकि, उन्होंने जनता तक पहुंचने से परहेज किया क्योंकि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा बनाए गए तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों में गुस्सा बढ़ रहा था. देओल हाल ही में हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों और सहयोगियों के लिए वह प्रचार करने भी नहीं आए थे, जबकि सेलिब्रिटी होने कारण चुनाव प्रचार में उनकी जबरदस्त डिमांड थी. पूरे माझा क्षेत्र में भाजपा केवल एक सीट-पठानकोट पर ही जीत हासिल कर पाई. इस सीट से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा विधायक चुने गए.

जाखड़ का भाजपा में आना सुखद

बताया जा रहा है कि भाजपा सनी देओल की लंबी अनुपस्थिति से निराश है.  वैसे भगवा पार्टी के नेता इस बात पर खुलकर बात नहीं कर रहे हैं.  मगर उनके न आने पर उन्हें जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है. वहीं सुनील जाखड़ के भाजपा में आने से अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं गुरदासपुर में लोकसभा के लिए लोगों को एक नया विकल्प नजर आ रहा है.

Tags: Punjab, Sunil Jakhar, Sunny deol

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