सुप्रीम कोर्ट ने पराली की निगरानी के लिए समिति बनाने के फैसले पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के आग्रह पर समस्या से निपटने का ज़िम्मा पूर्व जज जस्टिस मदन लोकुर की कमिटी को सौंपने का अपना आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के आग्रह पर समस्या से निपटने का ज़िम्मा पूर्व जज जस्टिस मदन लोकुर की कमिटी को सौंपने का अपना आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया.

Stubble Burning: केंद्र सरकार के आश्ववासन के चलते सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह रोक लगाई है. केंद्र ने अदालत को भरोसा दिया कि वो तीन- चार दिनों में एक कानून लाकर पराली जलाने को लेकर स्थायी निकाय का गठन करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 5:39 PM IST
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hनई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पराली जलाने (Stubble Burning) की निगरानी के लिए जस्टिस मदन बी लोकुर (Madan B Lokur) की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय कमेटी बनाने के फैसले पर रोक लगा दी है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि पराली जलाने की निगरानी को लेकर कानून बनाया जा रहा है. तीन से चार दिन के अंदर इसका ऐलान कर दिया जाएगा. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के आग्रह पर समस्या से निपटने का जिम्मा सिंगल मेंबर कमिटी को सौंपने का अपना आदेश फिलहाल स्थगित कर दिया.

दरअसल, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि पराली जलाने की निगरानी के लिए जस्टिस एम बी लोकुर को नियुक्त करने वाले 16 अक्टूबर के आदेश पर रोक लगाई जाए. एसजी तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र एक व्यापक योजना के साथ एक स्थायी निकाय स्थापित करने जा रहा है, जो पराली को नियंत्रित करेगा.

केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए कानून बना रही है. तीन चार दिन में कानून बना लिया जाएगा.







मॉनिटरिंग पैनल पर फिलहाल के लिए रोक लगाते हुए प्रधान न्यायाधीश (CJI SA Bobde) ने कहा कि ये स्वागत योग्य कदम है. यह ऐसा मुद्दा है जिस पर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पीआईएल की कोई बात नहीं है, एकमात्र मुद्दा लोग प्रदूषण के कारण घुट रहे हैं और यह कुछ ऐसा है जिस पर अंकुश लगाना चाहिए.

सीजेआई ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों को स्वच्छ हवा मिले.सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस पर युद्धस्तर पर अंकुश लगाया जाना चाहिए.
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