पंजाब में मालगाड़ी रोके जाने का दिखने लगा असर, बिजली के लिए खत्म हुआ कोयला

कृषि कानून के विरोध में पंजाब में अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी है.
कृषि कानून के विरोध में पंजाब में अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी है.

सरकार के इस फैसले का अब सत्ताधारी कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. विपक्षी दलों के साथ ही किसान यूनियन भी केंद्र सरकार के खिलाफ आ गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 11:32 AM IST
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चंडीगढ़. केंद्र सरकार ने भले ही कृषि कानून को संसद के दोनों सदनों से पास करा लिया हो लेकिन इस कानून का विरोध अभी भी जारी है. पंजाब के किसान लगातार मोदी सरकार से कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं. पंजाब में तेजी से बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने तमाम ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है. सरकार के इस फैसले का अब सत्ताधारी कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. विपक्षी दलों के साथ ही किसान यूनियन भी केंद्र सरकार के खिलाफ आ गई हैं.

पंजाब में भारतीय रेलवे की ओर से मालगाड़ियों की आवाजाही बंद किए जाने को लेकर हंगामा मच गया है. किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार बदले की भावना से फैसले ले रही है. पंजाब के किसान केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कानून का विरोध कर रहे हैं इसलिए सरकार पंजाब में मालगाड़ी को आने से रोक रही है. सरकार की मंशा है कि पंजाब के लोग परेशान हों और उनके कानून के सामने घुटने टेक दें.

भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के अध्यक्ष बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार की ओर से पंजाब में मालगाड़ी की आवाजाही तत्काल प्रभाव से शुरू नहीं की गई तो पंजाब में आंदोलन और तेज किया जाएगा. पंजाब में बीजेपी के मंत्रियों के घर के बाहर किसान धरना देंगे और इन नेताओं को उनके घर से बाहर भी आने नहीं दिया जाएगा. बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान संगठनों ने रेलवे ट्रैक खाली कर दिया है इसके बावजूद गाड़ियांं नहीं चलाई जा रही हैं. मालगाड़ियों को जानबूझकर अभी भी रोका जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि किसी भी तरह से पंजाब के किसानों को परेशान किया जाए.
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पंजाब में केवल 2 दिन का कोयला बचा है
सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि मालगाड़ियों की आवाजाही बंद होने के बाद पंजाब के थर्मल प्लांट में कोयले का संकट गहराने लगा है. पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी पीएसपीसीएल के चेयरमैन ए. वेणुगोपाल ने कहा कि मालगाड़ियों पर रोके जाने से अब सिर्फ 2 दिन का कोयला बचा है. हर दिन पंजाब में  1000 मेगावाट बिजली बाहर से एक्सचेंज के तौर पर खरीदनी पड़ रही है. पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पंजाब के वित्तमंत्री से 200 करोड़ रुपये बिजली बोर्ड को तुरंत प्रभाव से रिलीज करने की मांग की है.
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