• Home
  • »
  • News
  • »
  • punjab
  • »
  • संयुक्त मोर्चा से मिलने के लिए लाइन में लगे नेता, किसान नेता बोले- कुआं खुद चल कर प्यासे के पास आया

संयुक्त मोर्चा से मिलने के लिए लाइन में लगे नेता, किसान नेता बोले- कुआं खुद चल कर प्यासे के पास आया

किसान संगठनों ने कहा है कि हम राजनीतिक दलों से राज्य में चुनाव की घोषणा होने तक कोई रैलियां नहीं करने को कह रहे हैं

किसान संगठनों ने कहा है कि हम राजनीतिक दलों से राज्य में चुनाव की घोषणा होने तक कोई रैलियां नहीं करने को कह रहे हैं

Punjab: पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पीपुल्स कन्वेंशन सेंटर में 30 यूनियनों के नेताओं से मिलने के लिए लगभग एक घंटे तक इंतजार करते रहे

  • Share this:

    चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) में किसानों द्वारा राजनीतिक पार्टियों का विरोध इस कदर हावी हो चुका है कि भाजपा को छोड़ सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (United Kisan Morcha) के नेताओं को मिलने के लिए कतार में लगे नजर आए. बातचीत के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के नेताओं ने किसान नेताओं से मुलाकात की और पीपीसीसी अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (PPCC President Navjot Singh Sidhu) के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने किसानों के साथ बैठक में अपना पक्ष रखा. किसान नेताओं ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की भी बात सुनी.

    द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक किसान एकता चंडीगढ़ के अध्यक्ष सतनाम सिंह ने इस मौके पर कहा कि यही लोकतंत्र की ताकत है. उन्होंने कहा, ‘कुआं खुद आप चल के प्यासे कोल आया है.’

    पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के अन्य नेताओं के साथ पीपुल्स कन्वेंशन सेंटर में 30 यूनियनों के नेताओं से मिलने के लिए लगभग एक घंटे तक इंतजार करते रहे. सिद्धू भारी पुलिस सुरक्षा घेरे के साथ बैठक में आए थे, जिसका कई लोगों ने विरोध किया. शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) का प्रतिनिधित्व करने वाले सुखदेव सिंह ढीढ़सा और उनके बेटे परमिंदर सिंह सुबह 11 बजे नेताओं से मिलने आए थे, लेकिन उनसे कहा गया कि वे दोपहर के भोजन के बाद आएं.

    किसान संगठनों ने कहा है कि हम राजनीतिक दलों से राज्य में चुनाव की घोषणा होने तक कोई रैलियां नहीं करने को कह रहे हैं. यह न केवल लोगों को मोर्चे से रैलियों की ओर मोड़ेगा, बल्कि लोगों को राजनीतिक आधार पर विभाजित करेगा. संगठन यह भी जानना चाहते हैं कि किसानों को मुफ्त बिजली देने पर राजनीतिक दलों के क्या विचार हैं. संयुक्त मोर्चा ने लगभग सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनका पक्ष सुन लिया है और अगली रणनीति के बारे में मोर्चे के नेता प्रेस वार्ता के जरिए खुलासा करेगा.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज