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पंजाब की प्राइवेट बसों में भी लगेगा वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, टाइमिंग की निगरानी करेगी सरकार

यह सिस्टम अब तक पनबस /पंजाब रोडवेज की 1450 बसों में लागू किया जा चुका है.

यह सिस्टम अब तक पनबस /पंजाब रोडवेज की 1450 बसों में लागू किया जा चुका है.

परिवहन मंत्री ने बताया कि यह सिस्टम अब तक पनबस /पंजाब रोडवेज की 1450 बसों में लागू किया जा चुका है, जो महिलाओं की सुरक्षा को यकीनी बना रहा है, क्योंकि किसी आपात स्थिति के लिए महिलाओं के लिए बसों में पैनिक बटन मुहैया करवाया गया है.

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    चंडीगढ़. पंजाब की प्राइवेट बसों में भी वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (वी.टी.एस.) (Vehicle Tracking System VTS) लगाया जाएगा. यहां पंजाब रोडवेज और पनबस (Punjab Roadways and PUNBUS) के मुख्यालय में बस ट्रैकिंग सिस्टम मॉनिटरिंग और कंट्रोल रूम के कामकाज की समीक्षा करते हुए परिवहन मंत्री राजा वडिंग (Transport Minister Raja Vading) ने बताया कि प्राइवेट ऑपरेटरों की बसों की कारगुजारी सुरक्षा के लिहाज से संतोषजनक न होने के कारण प्राइवेट बसों में भी वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाना यकीनी बनाया जायेगा. इसी दौरान परिवहन मंत्री ने सिस्टम के कामकाज की जांच करने के लिए अलग-अलग डिपुओं के कई जनरल मैनेजरों, ड्राइवरों और कंडक्टरों को फ़ोन करके सिस्टम की कार्यकुशलता का जायजा लिया.

    परिवहन मंत्री ने बताया कि यह सिस्टम अब तक पनबस /पंजाब रोडवेज की 1450 बसों में लागू किया जा चुका है, जो महिलाओं की सुरक्षा को यकीनी बना रहा है, क्योंकि किसी आपात स्थिति के लिए महिलाओं के लिए बसों में पैनिक बटन मुहैया करवाया गया है. इसके अलावा बसों के पारदर्शी और समयबद्ध आने-जाने के लिए केंद्रीय निगरानी और कंट्रोल रूम चंडीगढ़ में स्थापित किया गया है.

    उन्होंने कहा कि वी.टी.एस. के द्वारा बसों की तेज रफ़्तार, गलत ढंग से ब्रेक लगाने और तेज भगाने, बसों के रात में ठहराव, निर्धारित स्थानों की बजाय किसी अन्य जगह रुकना, बसों का ढाबों पर 25 मिनटों से अधिक रुकना, रूट बदलना, शहरों से बाहर-बाहर गुजर जाना, निश्चित स्टॉप पर न रुकना, काऊंटरों से बसों के आने और जाने के वास्तविक समय की निगरानी, बसों की वास्तविक यात्रा की दूरी आदि संबंधी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि सिस्टम के द्वारा बसों की निगरानी सम्बन्धी डिपूओं के जनरल मैनेजरों और केंद्रीय कंट्रोल रूम के जरिये की जा रही है. इसके अलावा मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम का प्रयोग ड्राइवरों और कंडक्टरों के व्यवहार, बसों के प्रयोग, उपलब्ध स्टाफ के प्रयोग, बसों को निश्चित समय से देरी के साथ और पहले चलाना, बसों की तरफ से तय किए किलोमीटरों आदि संबंधी रिपोर्ट तैयार करने के लिए किया जा रहा है.

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