BEL ने कहा- राज्यों को भेजे वेंटिलेटर्स खराब नहीं, अस्पतालों ने निर्देश का नहीं किया पालन

सरकर ने बीईएल से कुल 60858 वेंटिलेटर खरीदे थे.

सरकर ने बीईएल से कुल 60858 वेंटिलेटर खरीदे थे.

बीईएल ने कहा की पूरे पंजाब के मेडिकल कॉलेज में इसके इस्तेमाल करने के मैन्युअल का पालन नहीं हुआ. बीईएल ने पंजाब के सभी मेडिकल कॉलेज को सलाह दी है कि वे सभी दिशा-निर्देशों पालन करे, तभी ये वेंटिलेटर्स सही तरीके से काम करेंगे.

  • Share this:

चंडीगढ़. पंजाब से cv200 वेंटिलेटर (Ventilators) गड़बड़ियों की रिपोर्ट आई, तो इसे बनाने वाले सरकारी उपक्रम बीईएल ने 12 मई को आनन-फानन में अपनी टीम भेजी. इस टीम ने गुरु गोविंद मेडिकल कॉलेज फरीदकोट जाकर जांच की और वहां से स्टाफ को कई बार बताया कि कैसे ये वेंटीलेटर काम करता है. इस टीम ने पाया कि इस मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर्स के इस्तेमाल में बताए गए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया.

बीईएल ने इस बाबत केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्रालय को एक चिट्ठी भी लिखी है. इसमें बताया गया है कि जीजीएमसी फरीदकोट के इन्फ्रास्ट्रक्टर में कई कमियां थी, जिसके कारण ये दिक्कत आयी. जैसे सेंट्रल ऑक्सीजन गैस लाइन में पर्याप्त दबाव की कमी थी. साथ ही बैक्टिरिया फ़िल्टर और एचएम ई फ़िल्टर या तो बदले नहीं गये या फिर इनके बिना ही वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल किया गया.

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए नवी मुंबई और ठाणे ने की ये बड़ी तैयारी

बीईएल ने कहा की पूरे पंजाब के मेडिकल कॉलेज में इसके इस्तेमाल करने के मैन्युअल का पालन नहीं हुआ. बीईएल ने पंजाब के सभी मेडिकल कॉलेज को सलाह दी है कि वे सभी दिशा-निर्देशों पालन करे, तभी ये वेंटिलेटर्स सही तरीके से काम करेंगे.
CV200 वेंटिलेटर को कोट्टयम के सरकारी मेडिकल हॉस्पिटल में भी लगाया गया है, लेकिन इसे बनाने वाले सरकारी उपक्रम बीईएल ने फ्लूक वेंटिलेटर एनालाइजर से इसकी जांच करवायी. बीईएल ने कहा कि ये शत प्रतिशत सही नतीजे दे रही है.

सरकार ने कुल 60858 वेंटिलेटर खरीदे थे. इसमें पीएम केयर के तहत 58000 की खरीद की गयी थी. यानी ये पीएम केयर्स के तहत कुल 96 फीसदी हिस्सा था. ये मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश थी, लेकिन अप्रैल में कई राज्यों के हॉस्पिटल में ये वेंटिलेटर नहीं लगे.

बेल ने अब तक करीब 30,000 वेंटीलेटर्स इंस्टॉल किए हैं. ये वेंटीलेटर्स 1800 से ज्यादा अस्पतालों की 775 लोकेशन पर इंस्टॉल किए गए हैं. बेल ने 24 घंटे सातों दिन मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी किया है.



11 अप्रैल को केंद्र ने 7 राज्यों को खत भी लिखा था. 9 मई को केंद्र ने सभी राज्यों को एक और खत लिखा कि इसकी अधिकतम इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए. साथ ही अगर और वेंटिलेटर्स की जरूरत हो तो राज्य केंद्र को बताए. उनकी हर संभव मदद की जाएगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज