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कैप्टन और सिद्धू में टकराव बढ़ा, मंत्री सहित 6 विधायक दिल्ली रवाना, 16 को बुलाई बैठक

कैप्टन और सिद्धू में टकराव बढ़ा, मंत्री सहित 6 विधायक दिल्ली रवाना, 16 को बुलाई बैठक

कैबिनेट विस्‍तार से पहले एक बार फिर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और  नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराव की स्थिति बन गई है.

कैबिनेट विस्‍तार से पहले एक बार फिर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच टकराव की स्थिति बन गई है.

कैबिनेट विस्तार से पहले पीसीसी अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (PCC President Navjot Singh Sidhu) खेमे के मंत्री सुखजिंदर रंधावा (Minister Sukhjinder Randhawa) और कम से कम छह विधायक पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं.

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    चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Punjab Congress Chief Minister Captain Amarinder Singh) और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (PCC President Navjot Singh Sidhu) के खेमे के बीच एक बार फिर से टकराव की स्थिति बढ़ती ही जा रही है. कैबिनेट विस्तार से पहले सिद्धू खेमे के मंत्री सुखजिंदर रंधावा (Minister Sukhjinder Randhawa) और कम से कम छह विधायक पार्टी के शीर्ष नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, वहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 16 अगस्त को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाई है.

    दि ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य मामलों के प्रभारी हरीश रावत के चंडीगढ़ दौरे के बाद कैबिनेट फेरबदल होगा. मुख्यमंत्री द्वारा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने और सिद्धू द्वारा सरकार की सार्वजनिक आलोचना करने के कुछ दिनों बाद सिद्धू के खेमे के नेता पार्टी नेता राहुल गांधी, राज्यसभा सांसद अंबिका सोनी और पंजाब मामलों के प्रभारी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि वे कथित तौर पर विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री के मुकाबले पीसीसी प्रमुख की स्थिति को मजबूत करने के लिए पार्टी नेतृत्व को प्रभावित करना चाहते हैं.

    घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि सिद्धू के खेमे के नेताओं और पार्टी विधायकों के बीच व्यापक सहमति बनाने के लिए आम चर्चा हुई थी ताकि वे मुख्यमंत्री को बदलने की मांग के लिए पार्टी आलाकमान पर हावी हो सकें. लेकिन यह आने वाले दिनों में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपनाए जाने वाली कार्रवाई पर निर्भर करता है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह अभी देखा जाना बाकी है कि सिद्धू जीतते हैं या मुख्यमंत्री सत्ता के खेल में वन-अपमैनशिप के खेल में आखिरी शॉट लगाते हैं.

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    राज्य पार्टी इकाई में अशांति की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने अमृतसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के एक दिन बाद 16 अगस्त को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाई है. सितंबर के पहले सप्ताह में मानसून सत्र से पहले विधानसभा स्पीकर के परिवर्तन सहित कोई भी कैबिनेट फेरबदल रावत के चंडीगढ़ आने और मुख्यमंत्री और पीसीसी प्रमुख के साथ बातचीत करने के बाद होगा.

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    पीसीसी द्वारा सीएम के दो आलोचकों, पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और राजनीतिक विश्लेषक मलविंदर सिंह मल्ली को सलाहकार के रूप में नियुक्त करना भी सीएम के खेमे के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि पूर्व डीजीपी ने यह कहते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि उन्हें राजनीतिक भूमिका के लिए काम नहीं करना है. पार्टी नेताओं ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में लड़ने की उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी. सिद्धू का साथ देने को लेकर मुस्तफा और उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना से सीएम की नाराजगी साफ नजर आ रही है.

    Tags: Cabinet expansion, Captain Amarinder Singh, Delhi, Harish rawat, Navjot singh sidhu, Punjab

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