पंजाब: कोरोना के आंकड़ों पर फिर उठे सवाल, परिवार के पांच लोगों की गई जान, गांव के रिकॉर्ड में दर्ज सिर्फ दो मौत

कोरोना से मौत के आंकड़े मेल नहीं खा रहे. (File pic AP)

Punjab Coronavirus: मामला मानसा के अक्कनवाली का है. ग्रामीणों का कहना है कि सात भाइयों में से चार की 7 से 24 मई के बीच कोरोना के कारण संदिग्ध रूप से मौत हो गई थी.

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    चंडीगढ़. पंजाब सरकार (Punjab Government) द्वारा जारी किए गए कोराना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से मरने वालों के आंकड़े सवालों के घेर में आ गए हैं. सरकार कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत के जो आंकड़े जारी कर रही है, जमीनी स्तर पर वो आपस में मेल ही नहीं खा रहे हैं. कुछ ऐसा ही मामला मानसा जिला में सामने आया है, जहां पर एक परिवार ने मई में दो सप्ताह के भीतर कोरोना के कारण पांच लोगों (Corona Deaths) को खो दिया, लेकिन आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि उस गांव में केवल दो ही मौतें हुईं.

    मामला मानसा के अक्कनवाली का है. ग्रामीणों का कहना है कि सात भाइयों में से चार की 7 से 24 मई के बीच कोरोना के कारण संदिग्ध रूप से मौत हो गई थी. इनमें कौर सिंह, गमदूर सिंह, बंत सिंह और दर्शन शामिल थे. इन चारों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के एक अन्य सदस्य की पत्नी को भी कोविड -19 होने का संदेह था और उनकी भी मौत हुई थी.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि घमदूर सिंह और करमजीत कौर मानसा शहर में रह रहे थे. कौर सिंह, बेअंत सिंह और दर्शन सिंह अक्कनवाली गांव में रह रहे थे. लेकिन सरकारी आंकड़ों में केवल कौर सिंह और बेअंत सिंह के नाम ही कोविड पीड़ित के रूप में सामने आए. परिवार के एक सदस्य का कहना है कि अक्कनवाली गांव में कई मौतें हुई हैं, लेकिन उनकी आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट नहीं की हुई.

    उन्होंने कहा कि कोविड -19 के कारण होने वाली मौतों की सही सूचना दी जानी चाहिए. लेकिन गांव में दो आधिकारिक मौतें दिखाई गई हैं. दर्शन सिंह की भी ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट के कारण मृत्यु हो गई और उनमें कोविड -19 के सभी लक्षण थे. लेकिन उनकी रिपोर्ट नकारात्मक थी और स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें कोविड -19 सूची में गिनने से मना कर दिया.

    सहायक नर्स (एएनएम) सरबजीत कौर ने कहा कि उन्होंने केवल दो कोविड की मौतों को आधिकारिक तौर पर पंजीकृत किया है. वह कहती हैं कि केवल एक परिवार ने दो सदस्यों की मौत की सूचना दी या किसी अन्य मौत का कोई डाटा नहीं है. गांव के कांग्रेस सरपंच गोबिंदर सिंह ने कहा कि कथित तौर पर हमारे गांव में केवल दो की कोविड -19 से मौतें हुई हैं. मैं अन्य मौतों के बारे में नहीं जानता. जबकि पूर्व अकाली सरपंच गुलाब सिंह के बेटे ने कहा कि गांव में करीब 10 मौतें कोविड से हुई हैं.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि तरनतारन जिले के झंडेर गांव में मई के अंतिम सप्ताह में कम से कम दो कोविड -19 मौतों का संदेह था. हालांकि ये मौतें जिले के आधिकारिक मौत के आंकड़ों का हिस्सा नहीं हैं.

    झंडेर गांव पंजाब के कम से कम 12,729 में से उन आधे गांवों में से एक है जहां आधिकारिक कोविड-19 मृत्यु दर कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद से ही शून्य बनी हुई है. झंडेर में दिलबाग सिंह का 28 मई को कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया था. एक अन्य महिला हरजिंदर कौर की 25 मई को मृत्यु हो गई थी, क्योंकि उसके ऑक्सीजन स्तर में सुधार नहीं हो सका और उन्हें निमोनिया हो गया था. हालांकि दोनों की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि पंजाब के 12,729 गांवों में महामारी की दूसरी लहर अधिक घातक थी.

    हालांकि अधिकारी गांवों में कोविड-19 से होने वाली मौतों की कम रिपोर्टिंग से इनकार करते हैं. राज्य कोविड-19 नोडल अधिकारी राजेश भास्कर कहते हैं कि अगर कोई कोविड-19 पॉजिटिव पाया जाता है तो मरीज अपने आप हमारे रिकॉर्ड में आ जाता है. हम मामलों को ट्रैक करते हैं और मौतों को रिकॉर्ड करते हैं. या तो ये घर में आइसोलेशन में होती हैं या अस्पताल में है. उन्होंने कहा कि अगर कोई मामला है तो उसे संज्ञान में लाया जाए और अधिकारी उसे सूची में शामिल करवाएंगे. बहुत कम संभावना है कि हम इस तरह की मौत को रिकॉर्ड करने में चूक जाएं.

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