कोटकपूरा गोलीकांड: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को SIT ने भेजा समन

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को SIT ने भेजा समन.

बेअदबी की घटना के बाद साल 2015 में कोटकपूरा में पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी के संबंध में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है. इसी मामले में पूछताछ के लिए पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal) को तलब किया गया है.

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    चंडीगढ़. कोटकपूरा गोलीकांड (Kotkapura firing case) के मामले में पंजाब (Punjab) के पूर्व मुख्‍यमंत्री और अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल (Parkash Singh Badal) को पुलिस ने समन भेजा है. बेअदबी की घटना के बाद साल 2015 में कोटकपूरा में पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी के संबंध में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है. एडीजीपी एलके यादव की अगुवाई वाली एसआईटी ने इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को सम्मन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है.

    अभी तक की जानकारी के मुताबिक पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री और अकाली दल के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल को 16 जून केा सुबह साढ़े 10 बजे मोहाली के फेज-8 में स्थित पीएसपीसीएल गेस्ट हाउस में एसआईटी के सामने तलब किया गया है. बता दें कि प्रकाश सिंह बादल से इस मामले में पहले भी पूछताछ की जा चुकी है. इस मामले में सेवा मुक्‍त हो चुके आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की अगुवाई वाली एसआईटी ने पिछले साल 16 नवंबर को भी प्रकाश सिंह बादल को कोटकपुरा गोलीकांड में पूछताछ के लिए बुलाया था.

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    अदालत के आदेशों अनुसार टीम को कोटकपूरा गोलीबारी कांड की जांच को प्राथमिक आधार पर छह महीनों में पूरा करने के लिए आदेश दिए हैं. इसके साथ ही कहा गया है कि एसआईटी सांझे तौर पर काम करेगी और इसके सभी मेंबर जांच की सारी कार्यवाही और अंतिम रिपोर्ट पर अपने हस्ताक्षर करेंगे. आदेश में आगे कहा गया है कि कानून मुताबिक एसआईटी जांच संबंधी राज्य की किसी भी कार्यकारी या पुलिस अथॉरिटी को रिपोर्ट नहीं करेगी और सिर्फ संबधी मैजिस्ट्रेट को ही रिपोर्ट करेगी.

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    एसआईटी के सदस्यों को जांच का कोई हिस्सा लीक न करने और जांच के अलग -अलग पहलुओं संबंधी मीडिया के साथ बातचीत न करने की हिदायत दी गई है. इसके अलावा एसआईटी के मेंबर चल रही जांच के बारे किसी के द्वारा प्रकट किये किसी शक या राय का सीधा या अप्रत्यक्ष तौर पर जवाब नहीं देंगे.

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