• Home
  • »
  • News
  • »
  • punjab
  • »
  • किसानों का फरमान चुनावी घोषणा से पहले बड़ी रैली नहीं करें राजनीतिक दल, सभी नेताओं ने जताई सहमति

किसानों का फरमान चुनावी घोषणा से पहले बड़ी रैली नहीं करें राजनीतिक दल, सभी नेताओं ने जताई सहमति

किसानों का फरमान चुनावी घोषणा से पहले बड़ी रैली नहीं करेंगे राजनीतिक दल

किसानों का फरमान चुनावी घोषणा से पहले बड़ी रैली नहीं करेंगे राजनीतिक दल

संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि जो कोई भी अभी राजनीतिक अभियान शुरू करेगा, उसे किसान विरोधी माना जाएगा. राजनीतिक गतिविधि तभी शुरू होगी, जब चुनाव (Election) की घोषणा हो जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    चंडीगढ़. संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) नेतृत्व के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद संघ ने सभी से अपील की है कि जब तक चुनाव (Election) की औपचारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक पार्टियां राज्य में कोई बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम (Big political program) आयोजित नहीं करें. इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिअद के अलावा अन्य सभी दलों ने एसकेएम का समर्थन किया है.

    दि ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक एसकेएम नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि जो कोई भी अभी राजनीतिक अभियान शुरू करेगा, उसे किसान विरोधी माना जाएगा. राजनीतिक गतिविधि तभी शुरू होगी, जब चुनाव की घोषणा हो जाती है. राजेवाल ने कहा कि उन्होंने सभी दलों से अपने घोषणा पत्र को कानूनी मान्यता देने और चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा करने के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा है. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें किसानों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने के उनके वादे को भी याद दिलाया है.

    इसे भी पढ़ें :- 2 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि वाले किसान को भी क्या मिलेगा PM Kisan का लाभ? जानें नियम

    उधर शिरोमणि अकाली दल ने कहा जिस दिन एसकेएम का विशेष कार्यक्रम होगा उस दिन हम रैलियां नहीं करेंगे. शिअद आंदोलन को मजबूत करने के लिए कैडर को दिल्ली सीमा पर भी भेजेगा. कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत नागरा ने सुझाव दिया है कि सभी राजनीतिक दलों को दिल्ली की सीमाओं पर धरना देने में किसानों का साथ देना चाहिए. उधर आम आदमी पार्टी ने कहा कि आप शुरू से किसानों के साथ खड़ी है. हम चुनावी घोषणापत्र को कानूनी मान्यता देने की किसानों कह मांग को स्वीकार करते हैं. बैठक में नेताओं ने कहा कि राज्य में शांति भंग नहीं होनी चाहिए और लोकतांत्रिक और राजनीतिक प्रक्रिया को नहीं रोका जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी को ऐसी कार्रवाइयों से सावधान रहना चाहिए जिससे राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है.

    इसे भी पढ़ें :- Farmers Protest in Karnal: करनाल में खत्म हो सकता है किसानों का धरना, सरकार से बातचीत जारी

    बताया जा रहा है कि कि कांग्रेस और अकाली प्रतिनिधियों ने नेताओं से कहा था कि वे कोई फैसला लेने से पहले अपने-अपने पार्टी आलाकमान के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे. लेकिन जैसे ही एसकेएम नेताओं ने पंजाब में (भाजपा को छोड़कर) सभी पार्टियों के नेताओं को बुलाया, सभी नेता कार्यक्रम स्थल के बाहर कतार में खड़े हो गए. पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू अन्य नेताओं के साथ यहां पीपुल्स कन्वेंशन सेंटर में 30 यूनियनों के नेताओं से मिलने के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार करते रहे. सिद्धू और शिअद (संयुक्त) के सुखदेव सिंह ढींडसा बैठक के लिए उपस्थित होने वाले एकमात्र पार्टी अध्यक्ष थे, जबकि अन्य दलों ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज