पंजाब के किसान संगठन करेंगे केंद्र से बातचीत, कृषि कानून और मालगाड़ी का उठायेंगे मु्द्दा

किसान मजदूर संघर्ष समिति का 'रेल रोको' आंदोलन (तस्वीर- ANI)
किसान मजदूर संघर्ष समिति का 'रेल रोको' आंदोलन (तस्वीर- ANI)

Punjab Farmers Protest: विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पंजाब के किसान संगठन केंद्र से बातचीत करेंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2020, 9:11 AM IST
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चंडीगढ़. पंजाब (Punjab) के किसान संगठनों  (Kisaan Aandolan) ने गुरुवार को केंद्र के बातचीत के न्यौते को स्वीकार करने फैसला लेते हुए कहा कि वे तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग करेंगे. यह बातचीत शुक्रवार को दिल्ली में होगी.केंद्रीय कृषि सचिव ने 10 नवंबर को किसान संगठनों को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेलमंत्री पीयूष गोयल से बातचीत का निमंत्रण दिया था.भारतीय किसान यूनियन (कादियान) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियान ने यहां कहा, ‘‘हमने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि हम कल दिल्ली जायेंगे और बातचीत करेंगे.'

विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया.कादियान ने कहा, 'हम मांग करेंगे कि इन तीनों कानूनों को निरस्त किया जाए. हम उनसे कहेंगे कि ये कानून गलत हैं.'उनके अनुसार दो केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक के दौरान राज्य में मालगाड़ियों की बहाली का मुद्दा भी उठाया जाएगा.उन्होंने कहा, 'हम पंजाब में मालवाहक ट्रेनों की बहाली का मुद्दा उठायेंगे.'

 ढील दी जाएगी तो कौन लड़ाई लड़ने आएगा?
कादियान ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान पहले ही रेल मार्गों पर से जाम हटा चुके हैं और उन्होंने मालवाहक ट्रेनों को अनुमति नहीं देने पर केंद्र पर सवाल उठाया.जब उनसे पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की इस अपील के बारे में पूछा गया कि यात्री ट्रेनें भी चलने दी जाएं तो उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में लगातार ढील दी जाएगी तो कौन लड़ाई लड़ने आएगा.
उन्होंने कहा, 'हम एक कदम पीछे हट गये ताकि सरकार एक कदम आगे आए लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. 'कादियान ने कहा कि किसान ट्रेनें नहीं चलने से फसल बुवाई के लिए यूरिया की कमी से जूझ रहा है.पंजाब में ट्रेन सेवाएं 24 सितंबर से निलंबित हैं जब किसानों ने केंद्रीय कानूनों के खिलाफ ‘रेल रोको’ आंदोलन शुरू किया.



कादियान ने कहा कि किसान आंदोलन राज्य में जारी रहेगा. उनके अनुसार किसान नये कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी का घेराव करने के लिए 26-27 नवंबर को ट्रैक्टर से दिल्ली जायेंगे.इस बीच किसान मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि उनका संगठन केंद्रीय मंत्रियों द्वारा बुलायी गयी बैठक में नहीं जाएगा क्योंकि मालवाहक ट्रेन सेवाएं नहीं बहाल की गयीं और अन्य किसान संगठनों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया.
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