आपके बच्चे को भी है स्मार्टफोन की लत तो अमृतसर में होगा इलाज

अमृतसर के निजी अस्पताल ने खोला देश का पहला मोबाइल डी ऐडिक्‍शन सेंटर, मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की.

News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 8:30 AM IST
आपके बच्चे को भी है स्मार्टफोन की लत तो अमृतसर में होगा इलाज
यह अस्पताल इससे पहले एक बार और चर्चा में आया था जब यहां पर देश का पहला महिला नशा मुक्ति केंद्र खोला गया था।
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Updated: July 12, 2019, 8:30 AM IST
पंजाब के एक निजी अस्पताल ने अच्छी पहल की है. इस अस्पताल में देश का पहला मोबाइल डी-ऐडिक्‍शन सेंटर खोला गया है. इस सेंटर में उन लोगों का इलाज किया जाएगा जिनको अपने स्मार्टफोन को इस्तेमाल करने की इस कदर लत लग गई है कि वे एक पल भी इससे दूर नहीं हो पाते हैं. अमृतसर के अस्पताल में खुले इस सेंटर में बड़ी संख्या में लोग अपना इलाज करवाने के लिए देश भर से यहां पहुंच रहे हैं. खास बात यह है कि इस सेंटर में इलाज के लिए आने वालों की संख्या में बहुतायत बच्चों की है जो स्मार्टफोन पर गेमिंग या इंटरनेट की लत से घिरे हैं और खुद को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

7 लोगों की टीम


अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. जे पाल ने बताया कि इंटरनेट और खासकर स्मार्टफोन की लत से इन दिनों काफी लोग परेशान हो रहे हैं. पीड़ित के साथ साथ उसका परिवार भी इस समस्या से परेशान होता है. इन दिनों यह लत तेजी से फैल रही है. पाल ने जानकारी दी कि अस्पताल में इस सेंटर की स्‍थापना के साथ ही 7 चिकित्सकों की एक टीम बनाई गई है. इस टीम में मनोचिकित्सक, दो फार्मासिस्ट और तीन काउंसलर रहेंगे. यह पीड़ित के साथ उसके परिवार के लोगों से भी बातचीत कर पूरी जानकारी लेंगे और उसी आधार पर उसका इलाज किया जाएगा.


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बच्चों में तेजी से फैल रही है ये बीमारी
पाल ने बताया कि इस सेंटर को खोलने का विचार उस समय आया जब बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को इस लत के चलते अस्पताल लाने लगे. उन्होंने बताया कि इंटरनेट और स्मार्टफोन की लत के चलते बच्चों के विकास पर विपरीत असर पड़ रहा है. साथ ही बच्चे इस लत में पड़ कर खुद को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. लगातार देश में आत्महत्या या खुद को चोट पहुंचाने के कई मामले भी सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि जो बच्चे उनके यहां पर इलाज करवा रहे हैं उन्में अब काफी असर देखने को मिला है.

इसी अस्पताल ने खोला था महिला नशा मुक्ति केंद्र
यह अस्पताल इससे पहले एक बार और चर्चा में आया था जब यहां पर देश का पहला महिला नशा मुक्ति केंद्र खोला गया था। उस दौरान अस्पताल ने बताया था कि इस केंद्र को खोलने के पीछे मुख्य कारण है कि महिलाओं का अलग से कोई नशा मुक्ति केंद्र नहीं है और सामान्य नशा मुक्ति केंद्रों पर उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा होता है। ऐसे में महिलाओं के लिए अलग से नशा मुक्ति केंद्र होने की आवश्यकता ज्यादा महसूस हो रही थी।

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