पंजाब के हाई सिक्योरिटी जेल से कुख्यात गैंगस्टर की फोन कॉल वायरल, बोला- हम भूख हड़ताल पर हैं

कुख्यात गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा. (फाइल फोटो)

कुख्यात गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा. (फाइल फोटो)

Punjab Gangster Dilpreet Baba Phone Call: बठिंडा जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा का एक ऑडियो वायरल हो गया है जिसमें वह कह रहा है कि जेल के अंदर कैदी भूख हडताल पर हैं.

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चंडीगढ़. पंजाब की विभिन्न जेलों में बंद खतरनाक गैंगस्टरों (Dreaded gangsters) को सरकार ने भले ही बठिंडा की जेल (Bathinda jail) के डेड जोन में पहुंचा दिया है, लेकिन यहां भी उनके नेटवर्क को जेल प्रशासन (jail administration) तोड़ नहीं पाया है. बीते रविवार को इस जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा (gangster Dilpreet Baba) का एक ऑडियो वायरल हो गया है जिसमें वह कह रहा है कि जेल के अंदर कैदी भूख हडताल पर हैं.

क्या कहा है ऑडियो में
पंजाब के हिंदी दैनिक हिंदी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाबी सिंगर परमीश वर्मा (Punjabi singer Parmish Verma) पर गोलियां चलाने वाले गैंगस्टर दिलप्रीत बाबा को रोपड़ जेल से बठिंडा जेल में शिफ्ट किया गया था. उस पर हत्या सहित कई संगीन जुर्म करने का आरोप है. वायरल हुए वीडियो (audio viral) में वह अपने परिजनों से कह रहा है कि वह यह फोन जेल की एसटीडी से कर रहा है. जेल प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है. बाकी कैदियों को जेल से घंटे बाहर रखा जाता है, जबकि उन्हें सिर्फ दो घंटे. इस बात को लेकर वे पहले भी भूख हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन जज साहिब के कहने पर भूख हड़ताल खत्म कर दी थी. ऑडियों में दिलप्रीत बाबा ने यह भी बताया कि सिंगर परमीश वर्मा को जो गोली मारी थी, उससे पैसों का लेन-देन था.

जांच में जुटा साइबर सेल
जेल से इस बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन और अधिकारी मुश्किल में आ गए हैं. अपने आप को बचाने के लिए वे तर्क तो दे रहे हैं, लेकिन पंजाब की इस हाई सिक्योरिटी जेल पर सवालिया निशान खड़ हो गए हैं. इस मामले में जांच के लिए टीम का गठन किया गया है. साइबर एक्सपर्ट को इसकी जांच सौंप दी गई है. पंजाब सरकार का दावा है कि बठिंडा जेल को सबसे सुरक्षित जेल (high security jail) बनाया जाएगा. इसके दो किलोमीटर के दायरे में कोई टेलीकॉम वायर या पोल नहीं होगा.जिससे अपराधी फोन का इस्तेमाल न कर सकें.



जेल से 10 मिनट की कॉल की इजाजत
जेल में कैदियों के लिए एसटीडी कॉल करने की इजाजत दी जाती है. वे रोजाना 10 मिनट तक अपने परिजनों से बात कर सकते हैं. उनकी बातचीत को जेल के कर्मचारी भी सुनते हैं कि वे किससे और क्या बात कर रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि उनके परिजन कॉल के समय अन्य लोगों को भी कांफ्रेंस कॉल पर ले लेते हैं. जिससे अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की संभावना बढ़ जाती है.

क्या कहते हैं जेल मंत्री
पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा (Punjab Jail Minister Sukhjinder Singh Randhawa) का कहना है कि डेड जोन में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि ये एसटीडी से कॉल के दौरान कांफ्रेंस कॉल लगाई गई है. इसकी जांच एडीजीपी स्वयं कर रहे है.
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