कैप्टन सरकार की केंद्र से गुहार- फिर से शुरू की जाएं मालगाड़ियां, 24 हजार करोड़ रुपये का माल बीच में अटका

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो

पंजाब में किसान आंदोलन के चलते मालगाड़ियों का संचालन रुका हुआ है. सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार से मालगाड़ियां शुरू करने की अपील की है. केंद्र ने राज्य सरकार से रेलवे स्टाफ की सुरक्षा की गारंटी मांगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 12:54 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब में किसान आंदोलन (Kisan Andolan) जारी है. इस आंदोलन का सीधा असर राज्य में मालगाड़ियों (Goods Train) के संचालन पर पड़ा है. मामले को निपटाने की कोशिश में लगे राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amarinder Singh) ने ट्रेनों की बहाली के संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है. हालांकि, केंद्र ने राज्य सरकार (Central Government) से रेलवे स्टाफ की सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की है. मालगाड़ियों के पहिए थमने से राज्य में करीब 24 हजार करोड़ रुपये का माल अटक गया है.

पंजाब के अलावा कई क्षेत्रों में होगी मुश्किलें
गाड़ियां नहीं चलने से स्पोर्ट्स और होजरी का करीब 24 हजार करोड़ का सामान अटक गया है. ट्रेन नहीं चलने का असर पंजाब के अलावा जम्मू-कश्मीर, लेह और लद्दाख में भी नजर आएगा. यहां आर्थिक और जरूरी चीजों की कमियों का सामना करना पड़ेगा. अगर हाल ऐसे ही बने रहे तो यूरिया, होजरी, स्पोर्ट्स, कैटल फीड इंडस्ट्रीज और हैंड टूल्स के काम प्रभावित होगा.

राज्य सरकार ने केंद्र को बताई अपनी योजना
राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Union Minister Piyush Goyal) से ट्रेनों को शुरू करने की मांग की है. सीएम ने केंद्र सरकार को बताया कि राज्य सरकार ने 'रेल रोको आंदोलन' (Rail Roko Andolan) को खत्म करने के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी गठित की है. उन्होंने सरकार को बताया कि जहां तक मालगाड़ियों की बात है, सोमवार को कोई भी प्रमुख लाइन को नहीं रोका गया और सिर्फ एक लाइन पर रोक लगाई है. यह लाइन प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो को जाती है. फिर ट्रेनों को क्यों बंद किया गया है.



पहले रेलवे कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे सरकार
सीएम के पत्र का जवाब देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल स्टाफ की सुरक्षा की गारंटी मांगी है. गोयल ने सरकार से कहा कि पहले आंदोलनकारियों से पटरियां खाली कराएं और स्टाफ की सुरक्षा पक्की करें. खास बात है कि इससे पहले भी पंजाब सरकार ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की थी, जिसके बाद किसानों की कुछ शर्तों के साथ 22 अक्टूबर से गाड़ियां फिर शुरू हुईं. हालांकि, इसके बाद 23 अक्टूबर को गाड़ियों को जबरन रोककर माल की जांच करने की बात सामने आई. इसके बाद ड्राइवरों ने सुरक्षा को लेकर संदेह जताया था और कहा था कि क्लीयरेंस मिलने तक मालगाड़ियों का संचालन नहीं करेंगे.
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