करतारपुर कॉरिडोर: भारत-पाकिस्तान के बीच इन मुद्दों पर होगी बातचीत

भारत-पाक के बीच बन रहे करतारपुर कॉरिडोर के लिए दोनों देशों के अफसरों की 14 जुलाई को दूसरे दौर की वार्ता होगी. इस वार्ता में यात्रियों की सुविधा, संख्या और जीरो प्वाइंट कैसे कनेक्ट किया जाए, जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी.

अमित पांडेय
Updated: July 12, 2019, 7:13 PM IST
करतारपुर कॉरिडोर: भारत-पाकिस्तान के बीच इन मुद्दों पर होगी बातचीत
करतारपुर कॉरीडोर पर भारत-पाक में दूसरे दौर की वार्ता
अमित पांडेय
अमित पांडेय
Updated: July 12, 2019, 7:13 PM IST
भारत-पाकिस्तान के बीच बन रहे करतारपुर कॉरिडोर के लिए 14 जुलाई को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने वाली है. दूसरे दौर की इस वार्ता में यात्रियों की सुविधा, संख्या और जीरो प्वाइंट कनेक्टिविटी प्रमुख मुद्दे रहेंगे. इस मीटिंग में दोनों देश सीमा के दोनों ओर इस कॉरिडोर के लिए जारी काम का ब्यौरा भी दे सकते हैं. मिली जानकारी के मुताबिक भारत की तरफ से इसका काम लगभग पूरा हो चुका है.

अभी तक भारत की ओर से कितना काम हुआ है


करतारपुर कॉरिडोर पर जो पैसेंजर टर्मिनल बन रहा है वहां पर 500 गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. इस अत्याधुनिक टर्मिनल में एयरपोर्ट की तरह तमाम  आधुनिक सुविधाएं होगी. त्यौहार के दिन जब ज्यादा भीड़भाड़ रहती है और यात्रियों की संख्या 5000 तक पहुंच सकती है तो उसके लिए खास तौर पर लाउंज बनाया जा रहा है. भारत सरकार की ओर से  कॉरिडोर को बनाने के लिए 30 इंजीनियर और 200 से ज्यादा मजदूर काम पर लगे हुए हैं. प्री फेब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर से पैसेंजर टर्मिनल तैयार किया रहा है. ऐसा इसलिए कि समय कम से कम लगे और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो. जहां तक सड़क बनाने का सवाल है तो एनएचएआई रोड को तैयार करने में तेजी से लगा है 60 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है.

जल्द पूरा होगा kartarpur corridor का निर्माण
जल्द पूरा होगा करतारपुर कॉरीडोर का निर्माण


कैसा होगा करतारपुर कॉरिडोर
4 लेन का रोड होगा कॉरिडोर का जिसमे सर्विस लेन भी होगी, चाहे वह सड़क का काम हो या फिर पैसेंजर टर्मिनल हो, सारी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. दोनों जगह पंजाबी संस्कृति की झलक हो इसके लिए देश विदेश से विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है. भारत के दूरदराज इलाकों से इस टर्मिनल तक लोग आसानी से पहुंच सकें इसके लिए भी खास बसें चलाई जाएंगी. ये कारीडोर 4.7 किलोमीटर का है.

इस कॉरिडोर पर बन रहे पुल का काम अभी अधूरा है
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इस कॉरिडोर के बीच 320 मीटर का फ्लड एरिया है जिस पर भारत का पुल बनेगा. दोनों देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक भारत को 70 मीटर का पुल बनाना है जबकि पाकिस्तान को 250 मीटर का पुल बनाना है. भारत सरकार ने अपनी ओर से पुल बनाने का काम शुरू कर दिया. लेकिन पाकिस्तान की ओर से ढाई सौ मीटर का जो पुल बनाना है, वहां पुल बनाने की बजाय मिट्टी से रास्ता बनाने की बात की जा रही है. इस बाबत भी दोनों देशों के बीच चर्चा हो सकती है.

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