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बारिश से पंजाब में फसलों को भारी नुकसान, किसानों ने सरकार से की मुआवजे की मांग

भारी बारिश के कारण पंजाब में धान की फसल को भारी नुकसान. (News18)

भारी बारिश के कारण पंजाब में धान की फसल को भारी नुकसान. (News18)

पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण पंजाब में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. पंजाब के किसानों का कहना ह ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण पंजाब में किसानों की फसलों को भारी नुकसान.
बारिश और तेज हवाओं ने धान की फसल को चौपट कर दिया है.
बारिश से हुई फसलों की बर्बादी के लिए किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

एस. सिंह
चंडीगढ़. पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण पंजाब में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग ने कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हुई है, जिससे तापमान में भी गिरावट आई है. पंजाब के किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने उनकी फसल को चौपट कर दिया है. उन्होंने आशंका जताई कि भारी बारिश और खेतों में जलभराव से धान में नमी की मात्रा बढ़ जाएगी, जिससे अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होगी. इसके कारण दाम कम मिलेगा. धान उत्पादकों को इस बार अच्छी फसल की उम्मीद थी. बारिश के खेल बिगाड़ने के बाद वे अब नुकसान के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

कई किसानों का कहना है कि 2021 में भी बारिश ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया था और सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उन्हें सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली. अब पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश ने खड़ी फसल को फिर से चौपट कर दिया है. बीकेयू उग्राहां के नेता रिंकू मूनक ने कहा कि हमारे क्षेत्र में कई किसान हैं, जिन्हें पिछले दो-तीन साल में बार-बार फसल खराब होने के बाद नुकसान उठाना पड़ा है. लेकिन उन्हें एक बार भी सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है. कुछ अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट तैयार की और मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ राजनीतिक रूप से प्रभावशाली किसानों का पक्ष लिया. सरकार को जांच का आदेश देना चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

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नुकसान से सांसदों को कराएंगे अवगत
क्रांतिकारी किसान यूनियन के सदस्य आज सोमवार को सांसदों को ज्ञापन सौंपकर खराब मौसम के कारण फसल की उपज के नुकसान का मामला उठाने का आग्रह करेंगे. डॉ. दर्शन पाल ने बताया कि रविवार को हुई यूनियन की बैठक में ज्ञापन सौंपने की विस्तृत रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है. उधर इस साल खरीफ सीजन में भारत का चावल उत्पादन 6 प्रतिशत घटकर 104.99 मिलियन टन रहने की उम्मीद है. 2022-23 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के खरीफ सीजन के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार फसल वर्ष 2021-22 के खरीफ सीजन में चावल का उत्पादन 111.76 मिलियन टन था.

Tags: Farmers, Paddy crop, Punjab, Rains

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