पंजाब में बेमौसम बरसात ने फेरा गेहूं किसानों की उम्मीदों पर पानी. (PHOTO:News18)
एस. सिंह
चंडीगढ़. पंजाब में पिछले कुछ दिनों के दौरान रुक-रुक कर हो रही बारिश (Rains) से पकने के करीब आ गई गेहूं (Wheat Crop) की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. रिपोर्ट के अनुसार संगरूर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, जालंधर, अमृतसर, तरनतारन और दक्षिण-पश्चिम पंजाब के जिलों में फसल को भारी नुकसान हुआ है. राज्य के कृषि विभाग ने दो दिन पहले 4 लाख हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया था. राज्य भर में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने बेमौसमी बरसात के कारण फसलों, बागों और घरों के नुकसान का जायजा लेने के लिए विशेष गिरदावरी (सर्वे) के हुक्म दिए हैं.
किसान ने अपने खेत के कितने रकबे में कौन भी फसल की बुवाई की है, यह जानकारी पटवारी के जरिये शासन के दस्तावेज में दर्ज कराई जाती हैं. इसको गिरदावरी कहते हैं. इस सीजन में पंजाब में 34.90 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है. बारिश शुरू होने से पहले, पिछले हफ्ते तक गेहूं की फसल पकने के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा थी. कृषि विशेषज्ञों ने अधिक दिनों तक मौसम की खराब रहने की स्थिति में कम से कम 10 फीसदी उपज के नुकसान की भविष्यवाणी की है. जिसका मतलब है कि किसानों को 2,600 करोड़ रुपये का नुकसान होने की संभावना है.
कृषि विज्ञान केंद्रों को नुकसान की रिपोर्ट देने के आदेश
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय- लुधियाना ने भी अपने वाइस चांसलर डॉ. एसएस गोसाल को जिलों के कृषि विज्ञान केंद्रों से नुकसान की रिपोर्ट देने को कहा है. उन्होंने कहा कि अगर हम मुख्य राजमार्गों और राज्य की सड़कों के किनारे के खेतों की हालत को देखते हैं, तो कुछ इलाकों को छोड़कर हमें आंतरिक क्षेत्रों में नुकसान की पहचान करनी होगी. राज्य मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार गुरुवार को औसतन 36.4 मिमी. और शुक्रवार को 40.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. जो औसत से 149 फीसदी अधिक है.
बेमौसम बारिश से धुली किसानों की उम्मीदें, खेतों में बिछ गई गेहूं की फसल
पिछले सीजन में हुआ था 13 फीसदी नुकसान
राज्य सरकार इस बारिश से चिंतित है. क्योंकि देरी से बारिश होने के कारण पिछले गेहूं के मौसम में फसल की कुल उपज में 13% की हानि हुई थी. राज्य के कृषि विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हम इस सीजन में भी उत्पादन कम नहीं होने देना चाहते हैं. इससे किसानों पर बोझ पड़ता है. उत्पादकता में कमी से आर्थिक नुकसान होता है. राज्य में कुल अपेक्षित गेहूं उत्पादन के 175 लाख टन के मुकाबले पिछले सीजन में केवल 151 लाख टन का उत्पादन हुआ था. आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 2021 के रबी सीजन में प्रति हेक्टेयर औसत गेहूं की उपज 48.68 क्विंटल थी. जो पिछले सीजन में घटकर 42.07 क्विंटल रह गई थी.
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