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पंजाब में लौह और इस्पात उद्योग बंद, ऑक्सीजन की निगरानी के लिए बनेगा कंट्रोल रूम

पंजाब में लौह और इस्पात उद्योग बंद, ऑक्सीजन की निगरानी के लिए बनेगा कंट्रोल रूम

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने केंद्र सरकार से पंजाब का ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की है. (फाइल)

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने केंद्र सरकार से पंजाब का ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की है. (फाइल)

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने कहा है कि अलग-अलग अस्पतालों से आ रही ऑक्सीजन की कमी (Oxygen Crisis) को देखते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब का ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की है.

    चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में लौह और इस्पात उद्योगों (Iron and steel industries) को बंद करने के आदेश दिए हैं, जिससे इनमें प्रयोग की जाने वाली ऑक्सीजन (oxygen) को अस्पतालों के इस्तेमाल के लिए लाया जा सके. इसके साथ ही अमृतसर में निजी अस्पताल में हुई 6 मरीजों की मौत के बाद राज्य और जिला स्तर पर ऑक्सीजन कंट्रोल रूम (Oxygen control rooms) स्थापित करने के भी आदेश किए गए हैं. मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख सचिव उद्योग (Principal Secretary Industries) को निर्देश दिए गए हैं कि तत्काल तौर पर उद्योग भवन चंडीगढ़ में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए. इस कंट्रोल रूम यह पंजाब के अंदर से और बाहर से आने वाली ऑक्सीजन की सारी सप्लाई पर सरकार कड़ी नज़र बनाए रखेगी.

    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने कहा है कि अलग-अलग अस्पतालों से आ रही ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए उन्होंने केंद्र सरकार (Central government) से पंजाब का ऑक्सीजन का कोटा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य सचिव विनी महाजन (Chief Secretary Vini Mahajan) इस मामले की पैरवी कर रही हैं. उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों से अचानक ही मरीजों की बढ़ी संख्या के कारण पंजाब को ऑक्सीजन की बड़ी मात्रा में जरूरत पैदा हो गई है. लौह और इस्पात के प्लांटों में औद्योगिक गतिविधियां बंद करने का आदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपने फैसले के बारे केंद्र सरकार को अवगत करवा दिया जायेगा.

    पंजाब में बीते कुछ दिनों दौरान ऑक्सीजन की मांग में काफी बढ़ गई है. यह मांग मौजूदा समय के दौरान 250 मीट्रिक टन पर खड़ी है और कोविड मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर आने वाले दिनों में यह मांग 300 मीट्रिक टन तक पहुंच सकती है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों के अंतर्गत अनुबंधित ऑक्सीजन सप्लाई की भी समीक्षा की जाए. जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऑक्सीजन की सप्लाई जरूरत के अनुसार राज्य भर में की जा सके. सप्लायरों द्वारा ऑक्सीजन की कीमत में वृद्धि की रिपोर्टों बारे प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य को थोक सप्लायरों के साथ कीमत के मुद्दे पर विचार विमर्श करने को कहा है.

    Tags: Covid-19 Crisis, Oxygen Crisis

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