दिलजीत दोसांझ ने शेयर किया वीडियो, 70 साल की 'बेबे परांठे वाली' की बदल गई किस्मत

कमलेश कुमारी को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1 लाख रुपए की मदद पहुंचाई है. (फोटो: Capt.Amarinder Singh
@capt_amarinder/Twitter)
कमलेश कुमारी को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1 लाख रुपए की मदद पहुंचाई है. (फोटो: Capt.Amarinder Singh @capt_amarinder/Twitter)

Bebe parathe wali: क्या आप खुश हो? "तो क्या करूं फिर? करना ही पड़ता है. वह एक प्यारी सी मुस्कान के साथ कहती हैं. वह सचमुच एक विजेता हैं जिन्होंने कभी हार नहीं मानी और लोगों के लिए प्रेरणा हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2020, 6:58 PM IST
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चंडीगढ़. उनका नाम कमलेश कुमारी है और वह 70 साल की एक मजबूत महिला हैं. कई जालंधर निवासियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक के सामान के लिए प्रसिद्ध फगवाड़ा गेट मार्किट में स्थित "बेबेजी" एक छोटा सा खाने का स्टाल पिछले तीन दशक से जायकेदार परांठे और सब्ज़ी का पर्याय चुका है जिसका स्वाद बिलकुल घर जैसा है. लेकिन सोशल मीडिया (Social Media) में उनके एक वीडियो के वायरल होने के पहले खाना बनाने में निपुण इस महिला के बारे में बहुत से लोग जानते भी नहीं थे. हर किसी के लिए वह बेबे हैं. उनका नाम कमलेश कुमारी है और उनकी उम्र 70 साल है.

उनके जवाब ज्यादातर छोटे ही होते हैं क्योंकि वह अपने छोटे से स्टाल में अपने हाथों से ताजे परांठे बनाने और परोसने में व्यस्त हैं जो पिछले 28 सालों से उनकी काम करने की जगह है. हां , लेकिन इस छोटे से स्टाल ने उन्हें ज़िंदगी जीने में पूरी मदद की. इसकी सहायता से उन्होंने अपने बेटे की परवरिश की जो अब एक टैक्सी ड्राइवर है और कमलेश उनके साथ रहती हैं और अभी भी उनकी मदद करती हैं.

परिस्थितियां कुछ इस प्रकार की हैं कि उनके पीछे स्थित दो दुकानें उन्हीं की हैं जो उनके माँ की मृत्यु के बाद उन्हें मिलीं थीं लेकिन वह इस स्थान का उपयोग अपने लिए नहीं कर सकतीं. दशकों पहले उनकी मां ने यह दुकानें केवल 400 रूपए में किराए पर दे दी थीं और पुराने किरायेदारी के नियम के अनुसार किराया अभी भी उतना ही है. दुकानों के ऊपर बना पुराना घर भी उन्हीं का है मगर घर के जीर्ण शीर्ण अवस्था में होने के कारण कमलेश यहां से दूर मॉडल टाउन में रहती हैं.



वह हर रोज साइकिल चलाकर अपने स्टाल जाती हैं और ग्राहकों को खाना खिलाकर आजीविका कमाती हैं. लॉकडाउन ने उनके व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया क्योंकि लॉकडाउन की वजह से ग्राहकों की संख्या कम हो गयी और अभी भी काफी कम है. जैसे ही उनके वीडियो वायरल हुए और यह वीडियो प्रसिद्ध अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ ने शेयर किया, लोगों का ध्यान बेबे की ओर गया और बेबे की बिक्री बढ़ाने के लिए वह उनके स्टाल पर आने लगे. लुधियाना की एक NGO ने उनसे संपर्क किया और राज्य की महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने उनका सम्मान भी किया. जालंधर प्रशासन ने उन्हें 50000 रुपये का एक चैक भी दिया है और कल मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक लाख रुपये की मदद की है.
साधारण सी महिला कमलेश कुमारी दुःख प्रकट करती हैं कि जब लोग होटल में खाने पर हजारों खर्च करते हैं तो क्यों नहीं उनका खाना खाते जो बहुत ही सस्ता है. "मैं दाल और सब्जी तो बहुत ही कम कीमत पर देती हूं" बच्चे मुझसे मांगते हैं तो मुझे काम करना पड़ता है और में क्या करूं? आजकल बाजार बंद है तो बहुत कम वाहन दिखाई दे रहे हैं. अब पहले वाली बात नहीं रही."

क्या आप खुश हो? "तो क्या करूं फिर? करना ही पड़ता है. वह एक प्यारी सी मुस्कान के साथ कहती हैं. वह सचमुच एक विजेता हैं जिन्होंने कभी हार नहीं मानी और लोगों के लिए प्रेरणा हैं.

दिलजीत दोसांझ ने शेयर किया वीडियो
फगवाड़ा गेट पर बैठते हैं बेबेजी, जब भी जालंधर की तरफ जाता हूं मेरे परांठे खाना पक्का है. आप भी जाकर जरूर खाइए.

परांठेवाली बेबेजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी उनकी मदद की है. सिंह ने बेबेजी को 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी है.
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