सियाचिन में शहीद हुए जवानों के शव आज पहुंचेंगे पंजाब, सरकार ने किया 50 लाख मुआवजे का ऐलान

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिपाही प्रभजीत सिंह और सिपाही अमरदीप सिंह के परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिपाही प्रभजीत सिंह और सिपाही अमरदीप सिंह के परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.

Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिपाही प्रभजीत सिंह और सिपाही अमरदीप सिंह के परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 6:48 PM IST
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चंडीगढ़. लद्दाख के सियाचिन के सब सेक्टर हनीफ (Hanif sub sector in Ladakh Siachen) में ग्लेशियर की चपेट में आकर 21 पंजाब रेजीमेंट (21 Punjab Regiment) के शहीद (martyred soldiers) हुए दो जवानों के शव लेह से मंगलवार (27 अप्रैल) को उनके पंजाब के पैतृक गांव पहुंचेंगे. शहीद हुए जवानों में प्रभजीत सिंह (Prabhjeet Singh) मानसा जिले के गांव हाकमवाला के निवासी थे जो अपने पीछे माता-पिता और एक बड़ा भाई छोड़ गए हैं. इसी तरह अमरदीप सिंह (Amardeep Singh) बरनाला जिले के गांव करमगढ़ के रहने वाले थे. वह अपने पीछे पिता और एक छोटी बहन छोड़ गए हैं.

परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Chief Minister Captain Amarinder Singh) ने  सिपाही प्रभजीत सिंह और सिपाही अमरदीप सिंह के परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और और परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ हमदर्दी जाहिर करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डाल कर देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने के लिए उनकी समर्पित भावना बाकी सैनिकों को अपनी ड्यूटी, समर्पण और वचनबद्धता से निभाने के लिए प्रेरित करती रहेगी.

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बचाव कार्य के दौरान जवानों ने तोड़ दिया था दम

गौरतलब है कि सियाचिन ग्लेशियर में बर्फीले तूफान में दोनों सैनिकों की मौत हो गई थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते रविवार दोपहर एक बजे सियाचिन के हनीफ सेक्टर में ग्लेशियर टूट गया था. जिसमें कई जवान और पोर्टर फंस गए थे. यहां पर किए गए बचाव कार्य के दौरान दो जवानों को बचाया नहीं जा सका था. इन दोनों जवानों को गंभीर चोटें आईं थीं, जिसके चलते दोनों ने दम तोड़ दिया.

वहीं हिमस्खलन के दौरान उस क्षेत्र में मौजूद रहे अन्य सैनिकों एवं पोर्टर की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं. सियाचिन ग्‍लेशियर पर स्थित भारतीय सीमा की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में सैनिक हमेशा तैनात रहते हैं. सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम रेंज में स्थित है. हिमालय की ये जगह भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच एक त्रिभुज के आकार में है. समुद्र तल से 16-18 हजार फीट ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर के एक तरफ पाकिस्तान की सीमा है. दूसरी तरफ चीना की सीमा अक्साई चीन भी इस इलाके में है.
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